एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी में बड़े बदलाव की तैयारी, ऑनलाइन होगा क्लियरेंस; 8 जगहों पर फुल बॉडी स्कैनर की मंजूरी

Published on 1 अक्टू॰ 2026

एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, ऐसे में वहां की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है. ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर कई अहम बदलाव करने का फैसला लिया है. BCAS ने बताया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी अब एयरपोर्ट की सिक्योरिटी की व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल करने जा रहा है. साथ ही सभी रेगुलेटरी सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा. इसके अलावा अब देश के 8 एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर की मंजूरी मिल गई है.

ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने आज गुरुवार को बताया कि BCAS का पूरी तरह से डिजिटलाइजेशन किया जाएगा. BCAS की सभी रेगुलेटरी सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा. यहां तक कि सिक्योरिटी क्लियरेंस भी ऑनलाइन किया जाएगा. नागरिक उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने कहा कि एयरपोर्ट से जुड़े मामले में आवेदन से लेकर अंतिम निपटारे तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी.

एयरोड्रोम एंट्री परमिट अब कॉन्टैक्टलेस-पेपरलेस

समीर सिन्हा का कहना है कि इस पोर्टल के इसी महीने से शुरू होने की उम्मीद है. उनका कहना है कि एयरोड्रोम एंट्री परमिट अब कॉन्टैक्टलेस और पेपरलेस होगा. इस वजह से लोगों को खासी सहूलियत होने के आसार है. क्योंकि अब तक फिंगरप्रिंट के लिए लोगों को व्यक्तिगत रूप से जाना पड़ता है.

फेशियल बायोमेट्रिक्स रिकॉर्ड को बनाए रखने की बात करते हुए BCAS ने बताया कि अब नई व्यवस्था के तहत फेशियल बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन रिकॉर्ड किए जाएंगे. इससे प्रक्रिया तेजी आएगी और यह ज्यादा सुरक्षित भी रहेगी.

दिल्ली-मुंबई समेत शहरों में फुल बॉडी स्कैनर

बॉडी स्कैनर की जानकारी देते हुए नागरिक उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने बताया कि देश के 8 एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर की मंजूरी मिल गई है. राजधानी दिल्ली के अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, कोच्चि और अहमदाबाद एयरपोर्ट इसके लिए मंजूर किए गए हैं.

उन्होंने बताया फुल बॉडी स्कैनर के लिए अब उसके एल्गोरिदम में भी बदलाव किया जाएगा. भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सिस्टम को बेहतर किया जा रहा है. फिलहाल मंगलसूत्र और धार्मिक धागे जैसी चीजें स्कैनर में डिटेक्ट होती हैं. इन्हें सिस्टम में अनुमेय वस्तुओं के तौर पर पहचानने की व्यवस्था विकसित की जा रही है.

एयरपोर्ट पर CTX मशीन पर भी कामः सचिव सिन्हा

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर CTX मशीन पर भी काम चल रहा है. सीटीएक्स मशीन एक अपग्रेटेड कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) तकनीक पर आधारित बैगेज स्क्रीनिंग प्रणाली है, जिसका उपयोग खासतौर से एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के लिए किया जाता है. वहीं कंप्यूटेड टुमाग्राफी X-ray यानी CTX मशीन एयरपोर्ट पर सामान की 3D स्कैनिंग करती है और विस्फोटक पदार्थों का पता लगाने में मदद करती है. इसके तकनीकी मानकों को विशेषज्ञों और इंडस्ट्री के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जा रहा है.

फ्लाईदुबई घटना पर नागरिक उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने कहा कि हम सुरक्षा और एयरलाइंस से जुड़े कुछ दिशा-निर्देश तैयार कर रहे हैं और इसके लिए एक फ्रेमवर्क पर लगातार मंथन चल रहा है. पूरे देश को कैप्टन स्मित मछार पर गर्व है.

‘फ्लाईदुबई’ की इजराइल जा रही फ्लाइट को सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर हादसे का शिकार बनाने की कोशिश को नाकाम करने के लिए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की तारीफ इजराइल और अमेरिका से लेकर भारत के शीर्ष नेताओं ने की. हालांकि इस फ्लाइट में अपने कैप्टन पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट की पहचान और उसके हमले के मकसद की जानकारी नहीं मिल सकी है.

कुमार कुन्दन

कुमार कुन्दन

साल 2004 में "जी न्यूज" से पत्रकारिता की शुरुआत किया। इसके बाद "टोटल टीवी", "न्यूज24", " इंडिया टीवी", इसके बाद "राजस्थान पत्रिका" अखबार और फिर टीवी 9 भारतवर्ष से जुड़ा.

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