बरेली में आयुष इंटर्न डॉक्टरों का कैंडल मार्च: स्टाइपेंड ₹7500 से ₹25 हजार करने की मांग, बोले- आश्वासन नहीं; शासनादेश चाहिए - Bareilly News

Published on 23 सित॰ 2026

बरेली के एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25 हजार रुपए प्रति माह करने की मांग को लेकर बुधवार शाम कैंडल मार्च निकाला। छात्रों ने बरेली कॉलेज से चौकी चौराहे तक शांतिपूर्ण मार्च किय

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छात्रों का दावा है कि प्रदेश के सभी 8 राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रमों का बहिष्कार किया और किसी आयोजन में हिस्सा नहीं लिया।

मंत्रियों के आश्वासन के बाद भी नहीं आया शासनादेश

छात्रों के मुताबिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के 8 आयुर्वेदिक, 9 होम्योपैथिक और 2 यूनानी कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों ने 3 सितंबर को प्राचार्यों और जिलाधिकारियों को ज्ञापन दिया था।

मांग पर समाधान नहीं होने के बाद 11 सितंबर को लखनऊ GPO पर धरना दिया गया। इसके बाद प्रशासन के कहने पर 12 सितंबर को छात्रों का प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ से मिला। छात्रों का कहना है कि उन्हें एक सप्ताह के भीतर शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था।

तय समय बीतने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं हुआ तो 21 सितंबर को छात्रों ने दोबारा लखनऊ में प्रदर्शन किया।

प्रमुख सचिव की टिप्पणी पर छात्रों में नाराजगी

छात्रों का आरोप है कि 21 सितंबर की शाम आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार के साथ करीब एक घंटे वार्ता हुई। छात्रों का कहना है कि इस दौरान आयुष पद्धतियों और छात्रों को लेकर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें उन्होंने अपमानजनक माना।

छात्रों ने कहा कि एक तरफ आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने की बात की जा रही है, वहीं जिम्मेदार अधिकारियों के रवैये से वे नाराज हैं।

लाठीचार्ज का भी लगाया आरोप

छात्रों का आरोप है कि बैठक के बाद रात करीब 8 बजे पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया। छात्रों ने पुलिस पर अभद्रता करने और मेट्रो स्टेशन के अंदर तक दौड़ाने का भी आरोप लगाया है।

बोले- ₹25 हजार का शासनादेश जारी होने तक जारी रहेगा विरोध

बुधवार को कैंडल मार्च के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए। उनका कहना है कि सरकार जब तक ₹7,500 के मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹25 हजार करने का आधिकारिक शासनादेश जारी नहीं करती, तब तक उनका लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।

छात्रों ने कहा कि लखनऊ में हुए विरोध के बाद भी उनकी मांग वही है और वे शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।