क्या आप भी तकिए में मुंह दबाकर सोते हैं, जानिए इससे होने वाले 7 नुकसान

Published on 13 जुल॰ 2026

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तकिए में मुंह दबाकर सोना क्यों है नुकसानदेह

Sleeping With Face In Pillow: दिनभर की थकान के बाद हर कोई अच्छी नींद चाहता है। लेकिन सिर्फ कितने घंटे सोते हैं, यह ही मायने नहीं रखता बल्कि आप किस तरह सोते हैं, यह भी सेहत पर असर डालता है। कई लोगों को पेट के बल या तकिए में मुंह दबाकर सोने में ज्यादा आराम मिलता है। यह आदत बचपन से भी हो सकती है या फिर बिना सोचे-समझे बन जाती है। हालांकि, लंबे समय तक इसी स्थिति (sleeping position) में सोना शरीर के कई हिस्सों पर दबाव बढ़ा सकता है।

शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट) डॉ. श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं कि तकिए में मुंह दबाकर सोने से सिर्फ गर्दन या पीठ ही नहीं, बल्कि सांस लेने, त्वचा और नींद की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए अगर यह आपकी रोज की आदत है, तो इसके नुकसान जानना जरूरी है।

सांस लेने से लेकर गर्दन तक पड़ता है असर

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार, जब कोई व्यक्ति तकिए में मुंह दबाकर सोता है, तो चेहरे के आसपास हवा का आना-जाना पहले जितना आसान नहीं रहता। सामान्य व्यक्ति में इससे हमेशा गंभीर परेशानी नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों को सांस लेने में असहजता महसूस हो सकती है। अगर पहले से खर्राटों या नींद के दौरान सांस रुकने जैसी समस्या है, तो यह स्थिति परेशानी बढ़ा सकती है।

इसी दौरान गर्दन भी लंबे समय तक एक ही दिशा में मुड़ी रहती है। कई घंटे तक यही स्थिति बनी रहने से सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न, दर्द या खिंचाव महसूस हो सकता है। यही दबाव धीरे-धीरे कंधों और ऊपरी पीठ तक भी पहुंच सकता है।

चेहरे की त्वचा और हाथों पर भी पड़ सकता है असर

तकिए पर घंटों चेहरा दबाकर रखने से त्वचा पर लगातार दबाव पड़ता है। डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि लंबे समय तक ऐसा होने पर चेहरे पर महीन रेखाएं जल्दी दिख सकती हैं। अगर तकिए का कवर साफ न हो, तो उस पर जमा तेल, पसीना और धूल त्वचा के संपर्क में आते रहते हैं। इससे कुछ लोगों में मुंहासे या त्वचा में जलन की समस्या बढ़ सकती है।

पेट के बल सोते समय कई लोग हाथ को सिर के नीचे रख लेते हैं। ऐसी स्थिति में शरीर का कुछ वजन हाथों पर आता है, जिससे नसों पर दबाव पड़ सकता है। इसी कारण कुछ लोगों के हाथ सुन्न हो जाते हैं या झुनझुनी महसूस होती है।

क्यों बिगड़ सकती है आपकी नींद

आरामदायक नींद वही मानी जाती है, जिसमें शरीर को बार-बार अपनी स्थिति बदलनी न पड़े। लेकिन पेट के बल या चेहरे को तकिए में दबाकर सोने पर शरीर लंबे समय तक एक ही स्थिति में सहज नहीं रह पाता। गर्दन, कंधे या हाथ में असुविधा होने पर व्यक्ति अनजाने में कई बार करवट बदलता है। इससे नींद बीच-बीच में टूट सकती है और सुबह उठने पर भी शरीर पूरी तरह तरोताजा महसूस नहीं करता।

क्या हर किसी को यह आदत छोड़ देनी चाहिए

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को इस तरह सोने से रोज गर्दन दर्द, कंधे में तकलीफ, हाथ सुन्न होना, खर्राटे या सांस लेने में परेशानी महसूस होती है, तो सोने की आदत बदलने की कोशिश करनी चाहिए। बेहतर होगा कि पीठ के बल या करवट लेकर सोएं। साथ ही, तकिए का कवर नियमित रूप से बदलें और ऐसा तकिया चुनें जो गर्दन को सही सहारा दे। अगर तकलीफ लगातार बनी रहे, तो खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

छोटी आदत बदलकर बेहतर हो सकती है नींद

सोने की गलत आदतें धीरे-धीरे शरीर पर असर डालती हैं और कई बार हमें इसका एहसास भी नहीं होता। अगर आप भी रोज तकिए में मुंह दबाकर सोते हैं, तो एक बार अपनी सोने की आदत पर जरूर ध्यान दें। सही सोने की स्थिति अपनाने से गर्दन और कंधों पर दबाव कम हो सकता है, त्वचा की देखभाल बेहतर रहती है और अच्छी नींद लेने में भी मदद मिल सकती है। छोटी-सी आदत बदलकर आप अपनी रोजमर्रा की सेहत में बड़ा सुधार ला सकते हैं।

Vineet

विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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