अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और आने वाले दिनों में पहाड़ों पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी तैयारी जरा संभलकर करें। उत्तर प्रदेश पुलिस 7 अगस्त से 11 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) को पूरी तरह बंद रखने वाली है। यह फैसला सालाना कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। भारी वाहनों पर तो 29 जुलाई से ही पाबंदी लागू हो जाएगी। इस बदलाव का सीधा असर देहरादून और ऋषिकेश जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशंस की ओर जाने वाले सभी मुख्य रास्तों पर पड़ेगा।
इस बंदी का असर प्राइवेट कारों, सरकारी बसों और कमर्शियल ट्रकों, सभी पर समान रूप से होगा। यात्रा के पीक समय में एक्सप्रेसवे की ज्यादातर लेन कांवड़ियों के लिए रिजर्व रहेंगी। प्रशासन ने छोटी गाड़ियों को पुराने NH 58 हाईवे की तरफ डायवर्ट करने का फैसला किया है। वहीं, माल ढोने वाले ट्रकों को अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) का इस्तेमाल करना होगा। बॉर्डर एंट्री पॉइंट्स पर भारी ट्रैफिक की वजह से सफर में ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए जाम के लिए तैयार रहें।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे रूट के लिए जरूरी डायवर्जन प्लान
| मंजिल | वैकल्पिक रास्ता | बेहतर विकल्प |
|---|---|---|
| हरिद्वार | शामली के रास्ते NH 709 | इंटरसिटी बस |
| नैनीताल | मुरादाबाद के रास्ते NH 9 | प्राइवेट कार |
| देहरादून | सहारनपुर हाईवे | भारतीय रेलवे |
नैनीताल की ओर जाने वाले यात्रियों को नेशनल हाईवे 9 (NH 9) का रास्ता अपनाना चाहिए। हापुड़, गजरौला और मुरादाबाद से होकर जाने वाला यह रूट कारों के लिए काफी आरामदायक है। हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने के लिए शामली या सहारनपुर वाले रास्तों को विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें। अगर आप बजट में और बिना किसी देरी के सफर करना चाहते हैं, तो भारतीय रेलवे सबसे भरोसेमंद विकल्प है। ट्रेन से यात्रा करने पर आप न केवल हाईवे के जाम से बचेंगे, बल्कि टैक्सी के महंगे किराए से भी राहत मिलेगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान बजट ट्रिप्स और सेफ्टी टिप्स
बजट का ध्यान रखने वाले यात्री मसूरी या लैंसडाउन जाने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा ले सकते हैं। ISBT से मिलने वाली शेयर्ड टैक्सी अभी भी एक किफायती विकल्प बनी हुई है। इन तारीखों के लिए बस टिकट बुक करने से पहले रिफंड के नियमों को अच्छी तरह जांच लें। अगर आपको अपनी गाड़ी से ही जाना है, तो कोशिश करें कि सुबह सूरज निकलने से पहले घर से निकल जाएं। जल्दी शुरुआत करने से आप ट्रैफिक जाम और ईंधन की बर्बादी, दोनों से बच सकेंगे।
सड़क पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे अहम है। गाड़ी चलाते समय रफ्तार धीमी रखें और स्थानीय पुलिस द्वारा लगाए गए साइनबोर्ड्स का पालन करें। ग्रामीण इलाकों में डायवर्जन के दौरान मोबाइल सिग्नल कमजोर हो सकते हैं, इसलिए ऑफलाइन मैप साथ रखना फायदेमंद होगा। सबसे तेज रास्ता खोजने के लिए लाइव ट्रैफिक ऐप्स का इस्तेमाल करते रहें। एक्सप्रेसवे बंद होने के बावजूद, सही प्लानिंग आपकी यात्रा को सुखद बना सकती है।