जम्मू से अमरनाथ यात्रा छह दिनों के निलंबन के बाद फिर से शुरू हुई। छह हजार से अधिक तीर्थयात्रियों का नया जत्था बाल्टाल बेस कैंप के लिए रवाना। खराब मौसम के चलते पहलगाम रूट फिलहाल बंद।
जम्मू से अमरनाथ यात्रा छह दिनों के निलंबन के बाद फिर से शुरू हुई।
- Published: 25 Jul 2026, 01:39 PM IST
- Last Updated: 25 Jul 2026, 01:39 PM IST
Amarnath Yatra 2026: जम्मू से वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। लगातार भारी बारिश और मौसम की बिगड़ती स्थिति के कारण यह यात्रा पिछले छह दिनों से निलंबित थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था, जिसमें छह हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं, कश्मीर घाटी में बाल्टाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ है।
मिली जानकारी के मुताबिक, 6,269 तीर्थयात्रियों के 18वें जत्थे ने सुबह करीब 2.40 बजे भगवती नगर बेस कैंप से प्रस्थान किया। इस जत्थे में 1470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु शामिल हैं, जो 223 वाहनों के काफिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाल्टाल की ओर बढ़ रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आज पहलगाम रूट के लिए कोई काफिला रवाना नहीं किया गया है।
#जम्मू_कश्मीर में खराब मौसम होने के कारण छह दिनों तक स्थगित रहने के बाद वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा आज से पुनः आरंभ हो गई है।#Amarnath #Amarnathyatra pic.twitter.com/UkyiZLyMQW
— SansadTV (@sansad_tv) July 25, 2026
यात्रा का निलंबन और अब तक की स्थिति
बता दें कि पूरे कश्मीर घाटी में लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण एहतियातन 19 जुलाई को पहलगाम और बाल्टाल दोनों मार्गों से यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इस साल की 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 3 जुलाई को हुआ था, जिसे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
वर्तमान में चल रही इस यात्रा के समापन की तारीख 28 अगस्त निर्धारित है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा स्थगित होने तक अब तक कुल 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध दो मार्ग
तीर्थयात्री हर साल पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए दो पारंपरिक मार्गों का उपयोग करते हैं। पहला पारंपरिक मार्ग पहलगाम के नुवान से शुरू होता है, जो लगभग 48 किलोमीटर लंबा है और अनंतनाग जिले से होकर गुजरता है। वहीं, दूसरा विकल्प गांदरबल जिले के बाल्टाल से है, जो 14 किलोमीटर लंबा है लेकिन काफी छोटा और खड़ी चढ़ाई वाला है।
हर साल अमरनाथ गुफा की यह पवित्र यात्रा हजारों तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करती है, जो गहरे विश्वास और आध्यात्मिक भक्ति का प्रतीक है। इस साल भी यात्रा को लेकर पहले से ही उत्साह और धार्मिक भावना चरम पर है, जिसे देखते हुए प्रशासन और अधिकारी यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं।
माता वैष्णो देवी की यात्रा अभी भी स्थगित
इस बीच, एक अन्य महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के चलते ही माता वैष्णो देवी की यात्रा भी 19 जुलाई से अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है। इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी कि, "भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।"
अधिकारी ने आगे अनुरोध किया कि तीर्थयात्रियों को यात्रा के फिर से शुरू होने के बारे में नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से अपडेट रहना चाहिए।