6 सेशन में 57% उछला इस व्हील कंपनी का शेयर, 52-वीक हाई पर स्टॉक; अभी खरीदें या करें होल्ड?

Published on 9 सित॰ 2026

व्हील्स इंडिया (Wheels India) के शेयर ने हाल के दिनों में बाजार के कमजोर रुख के बीच भी शानदार प्रदर्शन किया है। 9 सितंबर 2026 (बुधवार) को कंपनी का शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 15 प्रतिशत तक उछलकर 2,417.70 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंच गया। खास बात यह है कि शेयर लगातार छठे कारोबारी सेशन में बढ़त के साथ बंद होने की दिशा में आगे बढ़ा। इस दौरान इसमें करीब 57 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। सितंबर महीने में अब तक शेयर लगभग 51% चढ़ चुका है, जबकि अगस्त में भी इसमें करीब 10% की बढ़त दर्ज हुई थी। इस तेज रैली के बाद निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा लेवल पर शेयर खरीदना सही होगा या फिर मुनाफावसूली का इंतजार करना बेहतर रहेगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

शेयर में इस तेजी के पीछे कंपनी के स्ट्रॉन्ग फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को एक अहम वजह माना जा रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में व्हील्स इंडिया (Wheels India) का नेट प्रॉफिट बढ़कर 37 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 26 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू भी 1,187 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,386 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा निर्यात कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और एक्सपोर्ट 17.3% बढ़कर 380 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक कार, ट्रक और कृषि ट्रैक्टरों की घरेलू मांग में मजबूती बनी रही। साथ ही कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के लिए बनाए जाने वाले पहियों के निर्यात में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में भी यह कारोबारी रफ्तार जारी रह सकती है।

हालांकि, शेयर में इतनी फास्ट तेजी के बाद एक्सपर्ट निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। टेक्निकल एनालिस्ट के मुताबिक स्टॉक का ट्रेंड फिलहाल मजबूत और बुलिश है, लेकिन लगातार तेजी के कारण इसमें थोड़ी गिरावट या कुछ समय तक कंसोलिडेशन आना सामान्य बात होगी। एक्सपर्ट की नजर 2,270 रुपये और उसके बाद 2,200 रुपये के स्तर पर है, जिन्हें महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। दूसरी तरफ 2,500 से 2,550 रुपये का क्षेत्र अगला प्रमुख रेजिस्टेंस बन सकता है। कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि 2,100 रुपये के ऊपर शेयर का व्यापक बुलिश स्ट्रक्चर कायम रह सकता है, जबकि 2,500 रुपये के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट आगे की तेजी का रास्ता खोल सकता है।

टेक्निकल इंडीकेटर्स में भी शेयर की मजबूती दिखाई दे रही है। स्टॉक अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है और हालिया ब्रेकआउट के दौरान वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, RSI के ओवरबॉट जोन में पहुंचने से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली हो सकती है। इसलिए मौजूदा ऊंचे स्तर पर तेजी का पीछा करके नई खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।

एक्सपर्ट के अनुसार जिन निवेशकों के पास पहले से शेयर हैं, वे हाई रिस्क मैनेजमेंट और ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों के लिए 2,000-2,100 रुपये के आसपास किसी बढ़िया करेक्शन या फिर 2,500 रुपये के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड दे सकता है, यानी कंपनी की इमेज पॉजिटिव है, लेकिन शेयर की मौजूदा तेज रैली को देखते हुए जल्दबाजी में खरीदारी से बचना समझदारी हो सकती है।