शेखपुरा के बरबीघा के चर्चित हथौड़ा कांड में सोमवार को नया कानूनी मोड़ आया। वर्ष 2021 में हुई इस वारदात के नामजद आरोपी आयुष कुमार के खिलाफ अभियोजन की अर्जी पर हत्या समेत छह अतिरिक्त धाराओं में आरोप तय किए गए।
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी की अदालत ने आरोपी को सभी आरोप हिंदी में पढ़कर सुनाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ाई गईं धाराएं
लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा और अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह के अनुसार, मामले में पहले आईपीसी की धारा 396, 149, 307, 412 और 120बी के तहत आरोप तय किए गए थे। इन्हीं धाराओं के आधार पर सुनवाई के बाद पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
आयुष पर अब धारा 302 भी
अभियोजन ने शिकायतकर्ता के बयान, घायल के संबंध में उपलब्ध तथ्यों और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आयुष कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 454, 456, 459, 460, 149 और 302 जोड़ने की जरूरत बताई। अदालत ने अभियोजन की मांग पर इन धाराओं में भी आरोप तय कर दिए।

28 सितंबर को अंतिम बहस
अतिरिक्त धाराओं में आरोप तय होने के बाद अभियोजन ने अदालत में अतिरिक्त गवाह पेश नहीं करने की अर्जी दी है। इसके बाद अदालत ने मामले को दोनों पक्षों की अंतिम बहस के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की है।
डकैती के दौरान हथौड़े से हुई थी हत्या
यह मामला 19 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि का है। बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के मिशन थाना अंतर्गत न्यू एरिया मोहल्ले में शिक्षिका राधिका देवी के घर डकैती के दौरान बदमाशों ने उनके बेटे हर्ष राज की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद यह मामला इलाके में काफी चर्चित हुआ था।
पांच आरोपियों को मिल चुकी है उम्रकैद
मामले में नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव निवासी विक्रम कुमार और गौतम कुमार, सुभानपुर गांव के अमन कुमार, नतीनपुर गांव के तिजेंद्र कुमार तथा कृष्णपुरी के रोहित कुमार बिल्ला को दोषी ठहराया गया था। तत्कालीन प्रधान जिला जज राजकुमार की अदालत ने 14 जुलाई 2022 को सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पहचान छिपाकर पूर्णिया में रह रहा था आयुष
अभियोजन के अनुसार, मामले का नामजद आरोपी आयुष कुमार घटना के बाद फरार हो गया था। वह अपनी पहचान छिपाकर पूर्णिया में रह रहा था। आयुष मूल रूप से नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव का रहने वाला बताया गया है।
पूर्णिया पुलिस के अधिकारियों को उसके वहां छिपे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद शेखपुरा पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार किया।
पांच को सजा के बाद भगोड़ा घोषित हुआ था
पांच आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बाद आयुष कुमार को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया। अब अतिरिक्त धाराओं में आरोप तय होने के बाद मामला अंतिम बहस के चरण में पहुंच गया है।