औरंगाबाद में तीन साल पहले हसपुरा इलाके में तपेश्वर सिंह की हत्या मामले में कोर्ट ने गुरुवार को 6 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम उमेश प्रसाद ने आज सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोषियों क
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अपर लोक अभियोजक देवीनंदन सिंह ने बताया कि न्यायालय ने हसपुरा थाना क्षेत्र के किशुनपुर गांव निवासी छोटेलाल कुमार, अजीत कुमार, रोहित कुमार, मनोज कुमार, गुड्डू कुमार एवं सुरेन्द्र सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा धारा 147 के तहत दो-दो वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपए के जुर्माने की भी सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने पीड़ित पक्ष को प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को भी निर्देशित किया है।

औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय
नाली का पाटिया हटाने के विवाद में हुआ था जानलेवा हमला
वकील सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि मृतक तपेश्वर सिंह की पत्नी उषा देवी ने 15 जून 2023 को हसपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन के अनुसार, 10 जून 2023 की रात करीब आठ बजे गांव के कुछ लोग उनके घर के समीप नाली पर रखा सीमेंट का पटिया हटाकर ले जा रहे थे। जब उनके पति तपेश्वर सिंह ने इसका विरोध किया तो सभी आरोपित आक्रोशित हो गए।
छोटेलाल कुमार ने लोहे की रॉड से तपेश्वर सिंह के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद अन्य आरोपितों ने लाठी और कुदाल के पिछले हिस्से से उनके शरीर पर हमला किया। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें पहले हसपुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गया मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मस्तिष्क का ऑपरेशन हुआ, लेकिन घटना के 11 दिन बाद उनकी मौत हो गई।
दस गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान अभियोजन की ओर से कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई। मामले में 30 जनवरी 2024 को आरोप गठन किया गया था।
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने 20 जुलाई 2026 को छह अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उनका बंधपत्र रद्द कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।