राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी), अजमेर की ओर से वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा (माध्यमिक शिक्षा विभाग)-2025 रविवार सुबह आयोजित हुई।
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इससे पहले परीक्षार्थियों को कड़ी जांच पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया है। कई परीक्षार्थी हाथ में धागा, नाक की बाली, कान के इयररिंग खुलवाए गए।
सुबह 10 बजे परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश बंद कर दिया गया। दस बजे परीक्षा शुरू हो गई है।
सेंटर के बाहर उतवाई चप्पल
जांच के दौरान परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों को अपनी चप्पलें तक बाहर उतारनी पड़ीं। इतना ही नहीं, सुरक्षा जांच के नाम पर छात्राओं के दुपट्टे भी उतरवा दिए गए। यही नहीं, कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों के हाथों में बंधे मौली और धार्मिक धागे भी कटवा दिए गए, ताकि किसी भी तरह से नकल की गुंजाइश न रहे।
जिले में बनाए गए 48 परीक्षा केंद्र
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिले में कुल 48 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। यह परीक्षा जिले में अगले छह दिनों तक कुल 11 पारियों में संपन्न होगी, जिसमें 1,05,917 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
जिला मुख्यालय पर 23 केंद्र, चिड़ावा में 12 केंद्र, नवलगढ़ में 7 केंद्र, बगड़ में 6 केंद्र बनाए गए है।
समय पर गेट बंद हुए
परीक्षा पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक है। फिर दूसरी पारी की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक है। नियमानुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। एक बार परीक्षा केंद्र के गेट बंद हो जाने के बाद किसी भी स्थिति में विलंब से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पुलिस और प्रशासन ने हर केंद्र पर अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया है। केंद्र के बाहर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे और अभ्यर्थियों को कतारबद्ध तरीके से प्रवेश दिया गया। परीक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
देखिए एग्जाम में एंट्री से पहले की तस्वीरें…

झुंझुनू में सभी केंद्रों के बाहर सभी परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की गई।

परीक्षार्थियों की चप्पल और हाथ में बंधे कलावा काे भी चेक किया गया।

महिला परीक्षार्थियों के एंट्री से पहले सेंटर के बाहर दुपट्टे उतरवाए गए।

सभी केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। भारी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे।