एथेनॉल फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर की मौत, 5KM तक जाम: करंट लगने से जमीन पर गिरा; नीमच-मंदसौर हाईवे पर प्रदर्शन; बहन बोली- लाश छोड़कर भाग गए - Neemuch News

Published on 13 सित॰ 2026

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के कृपा बायोटेक एथेनॉल फैक्ट्री में रविवार दोपहर करंट लगने से 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। घटना जीरन के चल्दु गांव की है।

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मृतक की पहचान ग्राम चंगेरी निवासी मनीष (32), पिता गणपत लाल भाटी के रूप में हुई है। घटना से नाराज परिजन और ग्रामीणों ने नीमच-मंदसौर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। दोनों तरफ करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। हालांकि, समझाइश के करीब 4 घंटे बाद चक्काजाम खत्म हुआ।

ये तस्वीरें देखिए…

परिजन और ग्रामीणों ने नीमच-मंदसौर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

परिजन और ग्रामीणों ने नीमच-मंदसौर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

पुलिस और ग्रामीणों के बीच मांगों को लेकर बातचीत।

पुलिस और ग्रामीणों के बीच मांगों को लेकर बातचीत।

सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतरे।

सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतरे।

कृपा बायोटेक इथेनॉल फैक्ट्री में करंट लगने से मौत के बाद हंगामा।

कृपा बायोटेक इथेनॉल फैक्ट्री में करंट लगने से मौत के बाद हंगामा।

सुबह काम पर गया था मनीष

मृतक की बहन रामकन्या बाई ने बताया- मनीष रविवार सुबह करीब 9 बजे फैक्ट्री गया था। काम के दौरान उसे करंट लगा और वह बेहोश होकर गिर गया। साथी कर्मचारी उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

बहन बोली- भाई कंप्यूटर ऑपरेटर था

बहन ने बताया- मनीष फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था। फैक्ट्री की ओर से परिवार को करंट लगने की जानकारी दी गई थी। एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में फैक्ट्री का कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा।

बहन ने बताया- मनीष की मौत के बाद परिवार को अकेला छोड़ दिया गया। फैक्ट्री मालिक भी अस्पताल नहीं आया। मनीष की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी सात महीने की गर्भवती है। मनीष ही घर का मुख्य कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

1 करोड़ मुआवजे की मांग पर चक्काजाम

मनीष की मौत की खबर के बाद परिजन और ग्रामीण हाईवे पर पहुंच गए। चक्काजाम कर दिया। इससे नीमच-मंदसौर हाईवे पर दोनों तरफ करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

किसान नेता ने फैक्ट्री को लेकर लगाए कई आरोप

मंदसौर-मल्हारगढ़ क्षेत्र के किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने आरोप लगाया कि मनीष की मौत के बाद करीब तीन घंटे तक फैक्ट्री में काम चलता रहा। इस दौरान फैक्ट्री का कोई कर्मचारी, अधिकारी या मालिक परिवार के प्रति संवेदना जताने नहीं पहुंचा।

जोकचंद ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही है। पंचायत का टैक्स भी बकाया है। करीब 5-6 दिन पहले फैक्ट्री के अवशेष वाला पानी पीने से 4-5 भैंस और 3-4 गायों की मौत हुई थी। बिहार के एक आदिवासी युवक के दोनों हाथ फैक्ट्री में कट गए थे।

मालिक की गिरफ्तारी और परिवार को नौकरी की मांग

किसान नेता ने फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि मनीष को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके लिए 1 करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। अब हादसे की परिस्थितियों और फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। मल्हारगढ़ पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, परिजन के बयान और जांच के बाद FIR दर्ज की।