सावन के पहले सोमवार पर बरेली के प्रमुख शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराने में सिविल डिफेंस के वालंटियर पूरे दिन सेवा में जुटे रहे।
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सुबह से देर शाम तक स्वयंसेवकों ने मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर भीड़ प्रबंधन, मार्गदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को प्राथमिकता के साथ दर्शन कराने में भी वालंटियर सक्रिय रहे।
अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, वनखंडीनाथ, धोपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ और पशुपतिनाथ समेत शहर के सभी प्रमुख नाथ मंदिरों में सिविल डिफेंस की टीमें तैनात रहीं। इसके अलावा कांवड़ मार्गों और प्रमुख चौराहों पर भी वालंटियर श्रद्धालुओं को रास्ता बताने और व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहे।

सिविल डिफेंस की वालंटियर गीता शर्मा ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से इस सेवा से जुड़ी हैं।
'निस्वार्थ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म'
सिविल डिफेंस की वालंटियर गीता शर्मा ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से इस सेवा से जुड़ी हैं। सिविल डिफेंस से जुड़ते समय सभी स्वयंसेवक निस्वार्थ सेवा की शपथ लेते हैं। उन्होंने कहा कि सभी वार्डन और वालंटियर बिना किसी मानदेय के समाज सेवा करते हैं और प्रशासन का आदेश मिलते ही ड्यूटी पर पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि रामगंगा क्षेत्र में भी नागरिक सुरक्षा के लिए अलग टीम तैनात की गई है।
550 से अधिक वालंटियर दे रहे सेवाएं
सिविल डिफेंस के डिप्टी डिवीजनल वार्डन हरीश बल्ला ने बताया कि बरेली में 550 से अधिक वालंटियर विभिन्न आयोजनों और आपात स्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। धार्मिक आयोजन, दुर्घटना या किसी भी आपदा के दौरान सिविल डिफेंस की टीम पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं व्यवस्था का काम करती है। सावन के सभी सोमवार को भी टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रही हैं।

हरीश बल्ला ने बताया- बरेली में 550 से अधिक वालंटियर विभिन्न आयोजनों और आपात स्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं।
दंगा नियंत्रण से लेकर सीपीआर तक का प्रशिक्षण
वालंटियर अभय रस्तोगी ने बताया कि सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को भीड़ प्रबंधन, दंगा नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, फायर सेफ्टी, प्राथमिक उपचार और सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे किसी भी आपात स्थिति में मौके पर ही लोगों की मदद की जा सके। वालंटियर आशीष दिवाकर ने कहा कि सेवा ही उनकी प्राथमिकता है और किसी भी संकट की स्थिति में उनकी टीम सबसे पहले मदद के लिए पहुंचती है।

वालंटियर अभय रस्तोगी ने बताया कि सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया।
श्रद्धालुओं ने सराहा सेवा भाव
मंदिरों में दिनभर भारी भीड़ के बावजूद सिविल डिफेंस के वालंटियर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराते रहे और जरूरतमंदों की मदद करते रहे। पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के चलते कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। श्रद्धालुओं ने भी वालंटियरों की निस्वार्थ सेवा और अनुशासित कार्यशैली की सराहना की।