भाकपा माले के संस्थापक राष्ट्रीय महासचिव चारु मजूमदार की 54 वीं स्मृति दिवस समीम मन्सुरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सर्व प्रथम उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
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इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए भाकपा माले के वरीय नेता महावीर पोद्दार ने कहा कि 28 जुलाई 1972 को लगातार पुलिसिया यातना और प्रताड़ना देकर पुलिस हिरासत में उनकी हत्या की गई थी।
उनकी शहादत की गुंज आन्दोलन के रास्ते दिल्ली तक पहुंच गई है। उन्होंने कह कि उनकिे अधूरे सपनों को पूरा करना हम सबों की जिम्मेवारी है।

कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करते भाकपा-माले नेता
विनाशकारी नीतियों के कारण देश में छात्र आंदोलित हैं उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाकपा माले का विस्तार और मजबूती का कार्य किया जा रहा है।
समारोह को संबोधित करते हुए वरीय नेता फूलबाबू सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की विनाशकारी नीतियों के कारण देश में छात्र आंदोलित हैं।
विभिन्न प्रतियोति परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में फांसीवादी और लोकतंत्र विरोधी तानाशाही नीतियों का प्रभाव अब खुल कर सामने आ रहा है।
मजूमदार के संकल्पों को दुहराने का दिन उन्होंने हाल के दिल्ली आंदोलन की जानकारी देते हुए बताया कि अब युवा पीछे हटने वाले नहीं है। आज चारू मजूमदार के संकल्पों को दुहराने का दिन है।
कार्यक्रम के दौरान दिलीप कुमार राय, मो आलम, जागेश्वर राय, राजा कुमार पासवान, राबिन्स कुमार, जागो साह, मनोज कुमार राय, मनटून राय, अर्जुन पासवान, सहित अन्य लोगों ने भी अपना -अपना विचार रखा।

अंगार घाट में भी कार्यक्रम
ताजपुर में भी कार्यक्रम का आयोजन भाकपा माले ताजपुर प्रखंड कमिटी के बैनर तले मंगलवार को पार्टी के संस्थापक महासचिव कॉमरेड चारु मजूमदार की 54वीं शहादत बरसी रहीमाबाद के बहादुरनगर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने कॉमरेड चारु मजुमदार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन और विचारों को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की।
मौके पर प्रखंड कमिटी सदस्य आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, मो. एजाज, संजीव राय, नीलम देवी, रधिया देवी, अनीता देवी, जीरबा देवी,
सुनीता देवी, धर्मेंद्र पासवान, मो. कादीर, रुखशाना खातून, रेहाना खातून, सुखिया खातून समेत बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित थे।