Attack on Yemeni Army: यमन में एक बार फिर संघर्ष ने खूनी मोड़ ले लिया है. दक्षिणी प्रांत शबवा में हूती विद्रोहियों ने सेना के एक शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और करीब 200 घायल हो गए.
Attack on Yemeni Army: यमन में एक बार फिर संघर्ष ने खूनी मोड़ ले लिया है. दक्षिणी प्रांत शबवा में हूती विद्रोहियों ने सेना के एक शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और करीब 200 घायल हो गए.
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Houthis fire ballistic missiles at military camp Photograph: (reuters)
Attack on Yemeni Army: यमन में एक बार फिर संघर्ष ने खूनी मोड़ ले लिया है. दक्षिणी प्रांत शबवा में हूती विद्रोहियों ने सेना के एक शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और करीब 200 घायल हो गए. हमला उस वक्त हुआ, जब शिविर में नए जवानों को सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा था. इस हमले ने न सिर्फ यमन में बढ़ती हिंसा की ओर ध्यान खींचा है, बल्कि सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूतियों के बीच टकराव और तेज होने की आशंका भी बढ़ा दी है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के दक्षिणी प्रांत शबवा में हूती विद्रोहियों ने सेना के एक शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और करीब 200 लोग घायल हुए हैं. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हमला उस समय हुआ जब शिविर में नए सुरक्षा जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था.
🚨عاجـــــــــــــــل
هروب وذعر وخوف في صفوف الميليشيات الموالية للسعودية جراء استهداف معسكر العلم بشبوة. pic.twitter.com/SSJK808KB3
— Yemen 4K (@Yemen_4K) October 19, 2026
ट्रेनिंग के दौरान हुआ हमला
यमन की सरकारी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान समर्थित हूती समूह ने सोमवार को शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. शुरुआत में अधिकारियों ने 18 लोगों की मौत और 30 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ गई. यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने मारे गए लोगों को नए रंगरूट बताया और हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी.
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लगातार तेज रहा सेना और हूतियों के बीच संघर्ष
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष फिर तेज हो रहा है. सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन सरकार और हूतियों के बीच 2022 में युद्धविराम के बाद लड़ाई में कुछ कमी आई थी, लेकिन हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव के कारण हिंसा दोबारा बढ़ गई है. पिछले महीने हौथियों ने लाल सागर के तट के पास सरकार समर्थित बलों से एक रणनीतिक इलाके पर कब्जा कर लिया था.
इसके जवाब में सऊदी समर्थित सरकारी बलों ने हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने के लिए 'यमन का सवेरा' अभियान शुरू किया. इसमें राजधानी सना को फिर से हासिल करना भी शामिल है, जिस पर हूतियों ने 2014 में कब्जा कर लिया था.
हूतियों ने सऊदी पर तेज किए हमले
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर भी हमले तेज कर दिए हैं. इनमें रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें शामिल हैं. सोमवार को सऊदी अधिकारियों ने रियाद के लोगों को संभावित हवाई हमले के खतरे को लेकर अलर्ट भी जारी किया. हूतियों ने शबवा में हुए हमले की जिम्मेदारी ली है. उनके प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, समूह सऊदी अरब के समर्थन वाले यमनी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा. हूतियों का कहना है कि ऐसे ठिकाने उनके लिए वैध लक्ष्य हैं.
दूसरी ओर, यमन की सरकारी सेना ने तैज के दक्षिण में अल-अकरूध, अल-शकाब और अल-सरारी इलाकों में हूती विद्रोहियों के जमावड़ों, वाहनों और हथियारों पर हमले करने का दावा किया है. लगातार बढ़ती हिंसा से यमन में हालात और बिगड़ने की आशंका है. देश पहले से ही ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है.
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