
नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद के लिए कुल 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, और बुधवार को हुई विशेष बैठक के बाद मंदिर अधिकारियों ने बताया कि चयन प्रक्रिया एक महीने में पूरी होने की उम्मीद है।
दान में गबन के विवाद के बीच मंदिर ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या स्थित मंदिर परिसर में एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें नए महासचिव की नियुक्ति, तीन रिक्त न्यासी पदों को भरने और राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई।
बैठक के परिणामों के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि सीईओ पद के लिए भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, इसलिए बोर्ड ने चयन प्रक्रिया को चार सप्ताह के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चोरी विवाद के संबंध में दुर्भावनापूर्ण प्रचार और विकृत विवरण के बावजूद भक्तों की आस्था अडिग रही है, और राम मंदिर में भक्तों की भीड़ पहले की तरह ही स्थिर बनी हुई है।
राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं और अनुष्ठानों का पूर्णतया पालन सुनिश्चित करने के लिए नौ सदस्यीय धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है।
गोविन्द देव गिरि ने कहा कि धार्मिक समिति में अयोध्या के संत समुदाय के पांच सदस्य और अन्य मंदिर ट्रस्टों के चार सदस्य होंगे। वे सुनिश्चित करेंगे कि राम मंदिर में दैनिक अनुष्ठान वैदिक रामानंदी परंपराओं के अनुरूप हों।
उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या के पांच संत राम मंदिर की उचित सेवा और धार्मिक कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि पुजारियों के प्रशिक्षण के लिए राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा प्रमाणित एक स्थायी संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि हमें यहां के 14 मंदिरों के लिए इनकी आवश्यकता है। हम चाहते हैं कि हमारे पुजारी विश्व भर में प्रसिद्ध हों। हम विश्वभर के पुजारियों को धार्मिक अनुष्ठानों का प्रशिक्षण देंगे।
दान विवाद में कथित गबन की जांच के संबंध में ट्रस्ट ने कहा कि दान की गिनती की प्रक्रिया में अनियमितताओं के बारे में कोई चर्चा नहीं हो सकती है, क्योंकि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
--आईएएनएस
एमएस/