मुजफ्फरपुर में बदलने वाली है ट्रैफिक की तस्वीर! 5000 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार, जानिए क्या होगा बड़ा बदलाव

Published on 21 अग॰ 2026

Bihar Road Project: मुजफ्फरपुर में जाम से राहत दिलाने वाली बड़ी सड़क परियोजना अब आगे बढ़ने की राह पर है. मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के साथ 17 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा है. राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.

मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन और रिंग रोड को एक ही परियोजना के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. दोनों कामों पर करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के लिए करीब 3200 करोड़ रुपये और 17 किलोमीटर रिंग रोड के लिए करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है. परियोजना का डीपीआर भी तैयार हो चुका है.

मधौल से बखरी तक बनेगा रिंग रोड

परियोजना के तहत मधौल से बखरी तक करीब 17 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा. इसका मुख्य मकसद शहर के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों को बाहर से ही आगे निकालना है.

मोतिहारी की तरफ से आने वाले वाहन सादतपुर बाईपास होते हुए मधौल फोरलेन तक पहुंच सकेंगे. इसके बाद उन्हें मुजफ्फरपुर शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं होगी और वे हाजीपुर की ओर आगे निकल सकेंगे.

इसी तरह दरभंगा और समस्तीपुर की ओर से आने वाले वाहनों को भी शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. ये वाहन बखरी और दिघरा की तरफ से रिंग रोड पकड़कर हाजीपुर एनएच की ओर जा सकेंगे.

रामदयालु चौक पर भी कम होगा दबाव

रिंग रोड बनने के बाद रामदयालु चौक समेत शहर के कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है. अभी बाहर से आने वाले कई वाहन शहर के बीच से होकर गुजरते हैं, जिससे खासकर व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या बढ़ जाती है.

रिंग रोड तैयार होने के बाद ऐसे वाहनों को शहर के बाहर से ही आगे जाने का रास्ता मिल जाएगा. इससे शहर के अंदर रहने वाले लोगों को भी आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है.

रामदयालु रेलवे ओवरब्रिज भी परियोजना का हिस्सा

इस परियोजना में रामदयालु रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण भी अहम माना जा रहा है. केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण की जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को दिए जाने की बात है.

पहले पुल निर्माण निगम की ओर से इसके लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रक्रिया रोक दी गई थी. अब परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद ROB के निर्माण की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की उम्मीद है.

फिलहाल NHAI ने राज्य सरकार से NOC मांगा है. राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद परियोजना के निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू होगी.