तमिलनाडु सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और डेयरी उद्योग के विकास के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार के इस फैसले से जहां एक तरफ युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई और नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे, वहीं दूसरी तरफ राज्य के लाखों दूध उत्पादक किसानों को भी सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा।

नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और डेयरी उद्योग के विकास के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार के इस फैसले से जहां एक तरफ युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई और नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे, वहीं दूसरी तरफ राज्य के लाखों दूध उत्पादक किसानों को भी सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा। सरकार ने इन सभी घोषणाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वित्तीय मंजूरी दे दी है।
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राज्य सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में छात्रों के प्रवेश की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹351 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस भारी भरकम बजट के जरिए राज्य में कुल 6,098 नई सीटें तैयार की जाएंगी।
सीटों का यह विस्तार अलग-अलग पाठ्यक्रमों के तहत किया जाएगा
बीएससी नर्सिंग 660 नई सीटें जोड़ी जाएंगी। नर्सिंग कॉलेज और स्कूल कुल 1,925 अतिरिक्त सीटों का सृजन होगा। पैरामेडिकल कोर्स 12 प्रमुख पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में 2,778 सीटें बढ़ाई जाएंगी। मेडिकल कोर्स अन्य उच्च मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए 735 नई सीटें बनाई जाएंगी।
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स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
तमिलनाडु सरकार का यह फैसला न केवल छात्रों को शिक्षा देने में मदद करेगा, बल्कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में भी काम आएगा। अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी से मरीजों का इलाज पहले से ज्यादा तेजी और गुणवत्ता के साथ हो सकेगा।
दूध उत्पादक किसानों को ₹360 करोड़ का फायदा
स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ सरकार ने डेयरी क्षेत्र और पशुपालकों के हित में भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दूध खरीद पर मिलने वाले इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) को ₹3 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर कर दिया है। प्रति लीटर ₹2 की इस सीधी बढ़ोतरी से राज्य के ग्रामीण इलाकों के लाखों दूध उत्पादकों को सीधा आर्थिक लाभ होगा। दूध खरीद प्रोत्साहन राशि में इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग ₹360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। हालांकि, सरकार का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह फैसला बेहद जरूरी था।
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तमिलनाडु सरकार द्वारा अगस्त महीने में नियम 110 के तहत की गई ये घोषणाएं राज्य के चौमुखी विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। एक तरफ जहां मेडिकल शिक्षा में सीटों की बढ़ोतरी से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ दूध के दामों में प्रोत्साहन राशि बढ़ने से किसानों की आय में सुधार होगा। सरकार के इन दोनों फैसलों का राज्य भर में स्वागत किया जा रहा है।
रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा
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