अस्पताल में बैकअप के लिए जनरेटर की व्यवस्था थी, लेकिन ऐन वक्त पर दोनों जनरेटर भी बंद पड़े रहे। सबसे बदतर हालात जच्चा-बच्चा वार्ड में दिखे, जहां नवजात बच्चे और गर्भवती महिलाएं भीषण गर्मी और उमस में तड़पने को मजबूर हुईं। परिजन मेडिकल फाइलों और हाथ के पंखों से हवा करते नजर आए।
करनाल सिविल अस्पताल में 5 घंटे बिजली रही गुल, गर्मी और उमस से बेहाल हुए नवजात।
- Published: 13 Jul 2026, 01:07 PM IST
- Last Updated: 13 Jul 2026, 01:07 PM IST
करनाल सिविल अस्पताल में 'ब्लैकआउट': हरियाणा के करनाल के जिला सरकारी (सिविल) अस्पताल में रविवार रात एक बड़ी लापरवाही सामने आई। अचानक बिजली गुल होने और बैकअप के लिए लगे जनरेटरों के काम न करने से अस्पताल 5 घंटे तक पूरी तरह घुप अंधेरे और उमस की चपेट में रहा। जच्चा-बच्चा वार्ड में एक दिन पहले जन्मे नवजात और गर्भवती महिलाएं गर्मी से बेहाल दिखे, जिन्हें परिजन हाथ के पंखों और मेडिकल फाइलों से हवा करते नजर आए। हालात इतने बिगड़ गए कि क्रिटिकल मरीजों को आनन-फानन में एंबुलेंस से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करना पड़ा। मामला बढ़ता देख स्थानीय विधायक ने तुरंत डीसी (DC) को फोन लगाकर व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए।
गर्मी और उमस से बेहाल हुए नवजात
रविवार शाम करीब 5 बजे अस्पताल की बिजली अचानक गुल हो गई। मरीजों को लगा कि यह एक सामान्य कट है, लेकिन देखते ही देखते घंटों बीत गए। सबसे बदतर हालात जच्चा-बच्चा वार्ड के रहे। ऑपरेशन से डिलीवरी कराने आई गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए उमस का सामना करना भारी पड़ गया। वार्ड के अंदर मच्छरों के आतंक और गर्मी से बचने के लिए कई परिजन बच्चों को गोद में लेकर अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर हो गए, लेकिन उमस के कारण बाहर भी राहत नहीं मिली।
हॉटलाइन सुविधा के बावजूद 5 घंटे ठप रही बिजली
हैरानी की बात यह है कि जिला अस्पताल को निर्बाध बिजली के लिए 'हॉटलाइन सुविधा' दी गई है, फिर भी बिना किसी पूर्व सूचना के इतना लंबा कट लग गया। अस्पताल में बिजली बैकअप के लिए रखे गए भारी-भरकम जनरेटर भी ऐन वक्त पर फेल हो गए, जिससे सरकारी दावों की पोल खुल गई। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन पूरी तरह रामभरोसे चल रहा है और संकट के समय कोई सुध लेने वाला नहीं था।
करनाल सिविल अस्पताल पीएमओ (PMO)डॉ. सारिका बिश्नोई ने कहा कि हॉटलाइन फीडर पर इतनी लंबी बिजली कटौती होना बेहद गंभीर विषय है। मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता थी, इसलिए गंभीर मरीजों को तुरंत कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रात को ही दोनों जेनसेट दुरुस्त करवा दिए गए थे। इस पूरी लापरवाही पर बिजली निगम से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
विधायक ने डीसी को लगाया फोन, 5 घंटे बाद बहाल हुई सप्लाई
जब अस्पताल में बेहाली की खबर करनाल के विधायक जगमोहन आनंद तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया। विधायक ने सीधे डीसी करनाल को फोन मिलाकर स्थिति से अवगत कराया और तुरंत बिजली चालू करवाने को कहा। उच्च अधिकारियों के दखल के बाद प्रशासन की टीमें हरकत में आईं, लेकिन वैकल्पिक माध्यम से बिजली सप्लाई बहाल करने में तब भी 5 घंटे का लंबा समय लग गया।
केबल बॉक्स क्षतिग्रस्त होने से आई दिक्कत
मामले पर सफाई देते हुए बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल को बिजली देने वाले हॉटलाइन फीडर का मुख्य केबल बॉक्स अचानक क्षतिग्रस्त हो गया था। तकनीकी टीम ने इसे ठीक करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर में स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक माध्यम से अस्पताल की बिजली आपूर्ति को बहाल किया गया।
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