छत्रपति संभाजीनगर: 5.96 करोड़ के सहकारी घोटाले में तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सात दिन की पुलिस हिरासत| Navbharat Live

Published on 21 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 21, 2026 | 08:22 PM IST

विज्ञापन

सार

Lok Adarsh Cooperative Scam: छत्रपति संभाजीनगर में 5.96 करोड़ रुपये के सहकारी घोटाले में लोक आदर्श पतसंस्था के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव गिरफ्तार। अदालत ने तीनों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।

Lok Adarsh Cooperative Scam Accused Arrested In Chhatrapati Sambhajinagar

सहकारी घोटाले के आरोपी (फोटो नवभारत)

विस्तार

Lok Adarsh Cooperative Scam Accused Arrested: शहर के शाहगंज स्थित लोक आदर्श नागरी सहकारी पतसंस्था मर्यादित में लगभग 5 करोड़ 96 लाख 83 हजार 221 रुपये के कथित वित्तीय घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष अनिस समद पठाण, उपाध्यक्ष सय्यद एजाज अब्दुल गफ्फार तथा सचिव शेख विखार अहमद शफीक अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 28 जुलाई 2026 तक सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का आरोप है कि तीनों ने अन्य संचालकों के साथ मिलकर फर्जी ऋण प्रकरण तैयार किए, जाली अभिलेख बनाए और जमाकर्ताओं की करोड़ों रुपये की राशि का गबन किया।

लेखापरीक्षक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार इस मामले में सिटी चौक पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 102/2026 दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता संस्था के लेखापरीक्षक बारकादास रामदास इघोटे (37) हैं। उनके अनुसार संस्था के तत्कालीन पदाधिकारियों ने वर्ष 2022 से 2025 के बीच वित्तीय अनियमितताएं कर जमाकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी की।

सम्बंधित ख़बरें

तीन वर्षों में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप

जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022-23 में 1 करोड़ 50 लाख 84 हजार 247 रुपये, वर्ष 2023-24 में 65 लाख 79 हजार 717 रुपये तथा वर्ष 2024-25 में 3 करोड़ 80 लाख 22 हजार 257 रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई। इस प्रकार कुल 5 करोड़ 96 लाख 83 हजार 221 रुपये के गबन और विश्वासघात का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार फर्जी ऋण प्रकरण तैयार कर तथा जाली दस्तावेजों के आधार पर जमाकर्ताओं की राशि का दुरुपयोग किया गया और रकम वापस नहीं की गई।

गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलते रहे ठिकाने

पुलिस के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद आरोपी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित अन्य संचालक फरार हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। इसी दौरान 20 जुलाई 2026 को आर्थिक अपराध शाखा को गुप्त सूचना मिली कि तीनों मुख्य आरोपी छत्रपति संभाजीनगर शहर में आए हुए हैं। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय सूचना के आधार पर जाल बिछाकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, पुलिस उपायुक्त (अपराध) शशिकांत सातव तथा सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) मजहर सय्यद के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक प्रताप सावले, पुलिस उपनिरीक्षक होनराव, इरफान शेख, पांडुरंग मोरे, विजयकुमार नागरे, मुन्नार शेख, सागर बिरादे तथा कृष्णा शिंदे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह भी पढ़ेः- संभाजीनगर: मतदाता सूची त्रुटिरहित बनाने के निर्देश, विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने की SIR अभियान की समीक्षा

जांच अभी जारी

आर्थिक अपराध शाखा ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। वित्तीय लेनदेन, अन्य संचालकों की भूमिका तथा जमाकर्ताओं के धन के उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

Follow Navbharatlive whatsapp