बांधवगढ़ में शुरू हुआ 5 दिवसीय हाथी महोत्सव, बारिश के बीच 'कृष्णा' ने मचाई धूम

Published on 24 सित॰ 2026

बांधवगढ़ में शुरू हुआ 5 दिवसीय हाथी महोत्सव, बारिश के बीच ‘कृष्णा’ ने मचाई धूम

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव का आयोजन.

Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 5 दिवसीय हाथी महोत्सव और हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप 2026 की शुरुआत हो गई है. उमरिया के धमोखर बफर क्षेत्र में परासी गेट के पास आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान झमाझम बारिश के बीच अधिकारियों, स्थानीय लोगों और ईडीसी अध्यक्षों ने कैंप हाथियों की भूमिका और उनके योगदान को समझा. इस दौरान हाथियों के स्वास्थ्य, उनकी देखभाल और वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर भी जानकारी दी गई.

9 कैंप हाथी महोत्सव में शामिल

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस समय कुल 15 कैंप हाथी कार्यरत हैं. इनमें से 4 हाथियों का इस्तेमाल रेस्क्यू ऑपरेशन और 2 का हाथी अनुश्रवण के लिए किया जा रहा है. बाकी 9 हाथियों को हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप में शामिल किया गया है. कार्यक्रम के दौरान कृष्णा नाम के नर हाथी ने अपनी अठखेलियों और उछलकूद से लोगों का ध्यान खींचा.

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अक्टूबर 2025 में हुआ था कृष्णा का जन्म

कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में ही हुआ था. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 दिसंबर 2025 को बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण किया था. महोत्सव में कृष्णा की गतिविधियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनीं.

अधिकारियों ने साझा की हाथियों से जुड़ी जानकारी

कार्यक्रम में धमोखर के सहायक संचालक मितेन्द्र चिचखेड़े ने बांधवगढ़ में काम कर रहे कैंप हाथियों के बारे में जानकारी दी. इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक योहान कटारा ने हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप के उद्देश्य और गतिविधियों के बारे में बताया. उन्होंने पहली बार इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनने को खुशी और रोमांच का अनुभव बताया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राखी सहाय ने भी हाथी महोत्सव के महत्व पर बात की. उन्होंने इसे अपने लिए एक खास और अभूतपूर्व अनुभव बताया.

बफर क्षेत्र में पर्यटन और जागरूकता पर जोर

इस बार कैंप के लिए परासी गेट को चुना गया है. इसका उद्देश्य बफर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना और आसपास के ग्रामीणों को हाथियों के बारे में जानकारी देना है. स्थानीय लोगों को महोत्सव में शामिल कर वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जा रही है.

हाथियों के स्वास्थ्य और देखभाल पर फोकस

हाथी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कैंप हाथियों और उनके साथ काम करने वाले महावतों व चारा काटने वाले कर्मचारियों को आराम देना है. इस दौरान हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. उन्हें पसंद का भोजन देने के साथ उनकी विशेष देखभाल भी की जाएगी. साथ ही स्थानीय लोगों को हाथियों को करीब से जानने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का मौका मिलेगा.

रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते कुछ अधिकारी नहीं पहुंचे

महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ की टीम का एक हिस्सा मैहर वन मंडल के गोरसरी फॉरेस्ट में चल रहे हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा है. क्षेत्र संचालक के नेतृत्व में वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तोमर, रेस्क्यू टीम और अन्य कर्मचारी वहां रेस्क्यू कार्य में लगे हैं. इसी वजह से वे उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके.

(रिपोर्ट- सुरेन्द्र त्रिपाठी/उमरिया)

आशीष कुमार मिश्रा

आशीष कुमार मिश्रा

आशीष कुमार मिश्रा की 6 साल से जर्नलिज्म की Journey जारी है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को बनाने में अहम योगदान भारत के राज्यों का है. इन राज्यों से जुड़ी हर खटपट, चाहे राजनीतिक हो या सामाजिक, वो आप तक पहुंचाने में जुटा हुआ हूं. उत्तर प्रदेश समेत देश के तमाम बड़े राज्यों की सियासत को समझता हूं और बेबाकी से उसे लिखता हूं. जर्नलिज्म की Journey 2017 में न्यूज चैनल समाचार टुडे से स्टार्ट हुई, फिर नेशनल वॉइस के साथ भी काम करने का मौका मिला. दो न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल की तरफ में रुख किया. 2018 में पहली बार हैदराबाद में ईटीवी भारत की डिजिटल विंग टीम से जुड़ा. यहां साढ़े 3 साल का समय बिताने के बाद 2021 में दैनिक भास्कर (लखनऊ) की टीम से जुड़ा. अब यह सफर 2022 से टीवी9 भारतवर्ष के साथ चल रहा है. पत्रकारिता का मैंने ककहरा दैनिक जागरण इंस्टीट्यूट से सीखा. यहीं से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

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