चोरी के डर से खेत में दबाए 5 लाख, जगह भूला किसान; सालभर बाद जुताई में इस हाल में मिले नोट

Published on 10 अग॰ 2026

Balotra News: राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा थाना क्षेत्र के नेवाई गांव में एक किसान के साथ ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है. किसान ने चोरी के डर से करीब 5 लाख रुपए नकद खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए थे, लेकिन बाद में वह पैसे रखने की जगह ही भूल गया. करीब एक साल बाद खेत में बुवाई के दौरान नोटों से भरा बैग दोबारा जमीन से बाहर निकला. हालांकि, तब तक नमी और दीमक ने ज्यादातर नोटों को खराब कर दिया था.

मकान बनाने के लिए बेचा था प्लॉट

नेवाई गांव निवासी करीब किसान मांगीलाल (50) ने बताया कि करीब एक साल पहले उसने गांव में मकान बनाने के लिए अपना प्लॉट बेचा था. प्लॉट बेचने से उसे 5 लाख रुपए नकद मिले थे. किसान को घर में पैसे रखने पर चोरी का डर था. इसी वजह से उसने पूरी रकम एक थैली में रखी और खेत में गड्ढा खोदकर दबा दी.

मांगीलाल के मुताबिक, करीब एक महीने बाद जब उसे पैसों की जरूरत पड़ी तो वह उन्हें निकालने के लिए खेत पहुंचा, लेकिन जिस जगह उसने पैसे दबाए थे, वह जगह उसे याद नहीं रही. काफी तलाश के बाद भी उसे पैसे नहीं मिले. इसके बाद उसने यह मान लिया कि शायद पैसे नहीं मिल पाएंगे.

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बुवाई के दौरान जमीन से निकला बैग

करीब एक साल बाद किसान ने अपने खेत में बुवाई करवाई. चार दिन पहले खेत में कल्टीवेटर चलाया गया था. शुक्रवार सुबह मांगीलाल अपनी पत्नी और बेटे के साथ खेत की तारबंदी ठीक करने पहुंचा. इसी दौरान जमीन में दबा हुआ एक बैग दिखाई दिया.

बैग को बाहर निकालकर जब मांगीलाल के बेटे और पत्नी ने खोला तो उनके होश उड़ गए. बैग में वही नकदी थी, जिसे किसान ने करीब एक साल पहले खेत में दबाया था. हालांकि लंबे समय तक जमीन के अंदर रहने के कारण 500-500 रुपए के ज्यादातर नोट नमी और दीमक की वजह से बुरी तरह खराब हो चुके थे.

नमी और दीमक ने नोटों को किया खराब

किसान के मुताबिक, कई नोट पूरी तरह फट चुके हैं और कुछ नोट छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल गए हैं. कुछ नोटों पर अब भी सीरियल नंबर दिखाई दे रहे हैं. जमीन के अंदर नमी और दीमक के कारण नोटों की हालत इतनी खराब हो गई कि किसान के लिए उन्हें इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया. नोटों को देखकर परिवार को खुशी से ज्यादा नुकसान का डर सताने लगा. किसान को उम्मीद थी कि बैंक में खराब नोट जमा कराने के बाद उसे रकम मिल जाएगी.

बैंक पहुंचा किसान, लेकिन नहीं बदले नोट

मांगीलाल खराब नोटों को लेकर पचपदरा स्थित एसबीआई बैंक पहुंचा. उसने बैंक कर्मचारियों से नोट बदलने की गुहार लगाई, लेकिन नोटों की खराब हालत देखकर बैंक ने उन्हें बदलने से इनकार कर दिया. इसके बाद किसान बालोतरा स्थित बैंक की मुख्य शाखा भी पहुंचा. वहां भी उसे तत्काल राहत नहीं मिली. बैंक कर्मचारियों ने बताया कि जिन नोटों के सीरियल नंबर स्पष्ट हैं, उनके बदलने की प्रक्रिया के लिए उसे जयपुर जाना पड़ सकता है.

अनपढ़ किसान के सामने बड़ी परेशानी

मांगीलाल का कहना है कि वह अनपढ़ है और आर्थिक रूप से भी परेशान है. ऐसे में जयपुर जाकर नोट बदलवाने की प्रक्रिया पूरी करना उसके लिए आसान नहीं है. अब किसान की कोशिश है कि किसी तरह खराब हुए नोटों को बदलवाकर अपनी रकम वापस हासिल कर सके. वहीं, किसान की पत्नी का कहना है कि अगर मांगीलाल ने पहले ही उन्हें पैसे खेत में छिपाने की बात बता दी होती तो शायद वह जगह याद रखने में मदद मिल सकती थी और आज इतना बड़ा नुकसान नहीं होता. फिलहाल यह मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है.

राजू राम माली

राजू राम माली

राजू राम माली पत्रकारिता में 10 साल से सक्रिय हैं. उन्होंने राजनीति, अपराध, शिक्षा, कला और संस्कृति जैसे अलग-अलग न्यूज बीट पर काम कर चुके हैं. राजू की पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक प्रतिनिधि समाचार पत्र से हुई. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में काम का अनुभव लिया. राजू राम माली को स्थानीय केबल चैनल दृष्टि डेजर्ट, प्रादेशिक चैनल सच बेधड़क और नेशनल में प्रेस ट्रस्ट इंडिया (PTI), एनडीटीवी में काम करने का अनुभव है.

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