हरियाणा बिजली निगम ने 5 राज्यों से मांगा टेक्निकल स्टाफ: हड़ताल से निपटने को निगम तैयार, मनाने के लिए 12 बजे मंत्री विज से वार्ता - Panchkula News

Published on 10 अग॰ 2026

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से निपटने के लिए बिजली निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने बिजली सप्लाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से तकनीकी

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UHBVN के चीफ इंजीनियर/एडमिनिस्ट्रेशन (कोऑर्डिनेशन) ने संबंधित चीफ इंजीनियरों को दूसरे राज्यों के बिजली विभागों से अधिक से अधिक तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। हड़ताल के दौरान JE, AFM, LM, ALM, SSA, ASSA और SA स्तर के तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी। इन्हें कंटीजेंसी प्लान के तहत दूसरे राज्यों से बुलाकर बिजली सप्लाई को सुचारु रखने के लिए तैनात किया जाएगा।

निगम ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से अधिकतम तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर इन कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान बिजली सप्लाई बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा।

इन संगठनों ने दिया है हड़ताल का नोटिस

ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन हिसार, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड कर्मचारी संघ भिवानी, हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन, हरियाणा पावर कॉरपोरेशन SC/ST एवं BC कर्मचारी यूनियन और डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन ने 11 से 13 अगस्त तक तीन दिन की हड़ताल का नोटिस दिया है।

हड़ताल के पीछे ये बड़ी वजह…

गुरुग्राम-नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस का विरोध: एक निजी कंपनी ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस का आवेदन किया है। कर्मचारी इसे निजीकरण की दिशा में कदम मान रहे हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि दोनों DISCOM इस आवेदन का विरोध कर चुके हैं और अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध: कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकने की मांग कर रहे हैं। सरकार के मुताबिक स्मार्ट मीटर के टेंडर से संबंधित फाइल प्रक्रिया में है, लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

बिजली कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने का विरोध: यूनियन ने HPGCL, HVPNL और DISCOMs की स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग तथा HVPNL में TBCB प्रोजेक्ट रोकने की मांग की है। कर्मचारी इसे भी निजीकरण की दिशा में कदम मानते हैं।

कर्मचारियों की लंबित सेवा संबंधी मांगें: इनमें Ex-Gratia Policy में बदलाव, कर्मचारियों की पदोन्नति और पुनर्गठन, खाली पद भरना, ऑनलाइन ट्रांसफर खत्म करना, टाइप टेस्ट जल्द कराना और महिला कर्मचारियों के लिए क्रेच सुविधा जैसी मांगें शामिल हैं।

सुरक्षा और जोखिम भत्ते की पुरानी मांग भी शामिल : बिजली कर्मचारियों ने जोखिम भत्ता, पर्याप्त सेफ्टी उपकरण और अन्य कर्मचारी सुविधाओं की मांग उठाई है। मई में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जोखिम भत्ते और सेफ्टी उपकरण के मुद्दे पर विचार का आश्वासन दिया था।