बंगाल में रथ यात्रा के लिए 5 लाख का ऐलान, 1000 करोड़ का धार्मिक सर्किट...TMC ने BJP सरकार को घेरा

Published on 14 जुल॰ 2026

बंगाल में रथ यात्रा के लिए 5 लाख का ऐलान, 1000 करोड़ का धार्मिक सर्किट...TMC ने BJP सरकार को घेरा

बंगाल में रथ यात्रा कमेटियों को 5 लाख की मददImage Credit source: Getty Images

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने 60 रथ यात्रा कमेटियों के लिए 5-5 लाख रुपये देने, तारकेश्वर में हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश करने और धार्मिक-विरासत सर्किट के लिए 1,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की है, जिससे पश्चिम बंगाल में नया राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है. विपक्ष ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर वही काम करने का आरोप लगाया है, जिसकी उसने कभी ममता बनर्जी के कार्यकाल में आलोचना की थी.

दरअसल, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि यह अनुदान पारंपरिक रथ यात्रा आयोजकों को पुराने लकड़ी के रथों की मरम्मत और नवीनीकरण करने और बंगाल की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में मदद करने के लिए था. उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस साल तारकेश्वर में श्रावण यात्रा करने वाले भक्तों पर हेलीकॉप्टर से फूलों की पंखुड़ियां बरसाई जाएंगी. इसके अलावा राज्य ने विरासत और धार्मिक पर्यटन सर्किट के लिए 1,000 करोड़ की योजना का अनावरण किया है, जिसमें राज्य भर के प्रमुख तीर्थ स्थल शामिल हैं.

तृणमूल कांग्रेस ने की आलोचना

हालांकि सरकार के इस कदम की तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पहले दुर्गा पूजा कमेटियों को ममता बनर्जी द्वारा दिए गए अनुदान का विरोध करने में कोई समय बर्बाद नहीं किया था और अब वह उसी रास्ते पर चल रही है. उन्होंने कहा, ‘जब ममता ने दुर्गा पूजा के दौरान पैसे दिए थे, तो बीजेपी ने इसका पुरजोर विरोध किया था. आज वो क्या कर रहे हैं? धार्मिक सर्किट पर 1,000 करोड़ खर्च करना भी फिजूलखर्ची है’.

TMC प्रवक्ता कुणाल घोष का पलटवार

टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी हमेशा जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ी रही हैं और बीजेपी अब उसी तरीके को अपना रही है, जिसकी उसने पहले आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि उन्हें फंडिंग से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब तृणमूल सरकार ने पूजा कमेटियों को सहायता दी थी, तो बीजेपी ने वैसी ही सहायता पर आपत्ति क्यों जताई थी.

टीएमसी सरकार ने भी किया था ऐसा

इस विवाद ने उस पुरानी बहस को फिर से हवा दे दी है कि क्या धार्मिक त्योहारों के लिए सरकारी सहायता एक सांस्कृतिक कर्तव्य है या जनता के पैसे का दुरुपयोग. जहां बीजेपी का कहना है कि इस तरह के खर्च से परंपरा को बनाए रखने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलती है, वहीं आलोचकों का तर्क है कि यही तर्क तब भी लागू होना चाहिए था जब ममता बनर्जी की सरकार ने पिछले सालों में दुर्गा पूजा समितियों का समर्थन किया था.

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रविशंकर दत्ता

रविशंकर दत्ता

रविशंकर दत्ता पश्चिम बंगाल से रिपोर्टिंग करते हैं. फिलहाल, टीवी9 भारतवर्ष में बतौर ब्यूरो हेड ईस्ट जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

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