आप तो समुद्री डकैती पर उतर आए...होर्मुज स्ट्रेट पर 20% टोल के ट्रंप के ऐलान से बढ़ा वैश्विक तनाव, इस देश ने किया कड़ा विरोध

Published on 14 जुल॰ 2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कार्गो जहाजों पर 20 प्रतिशत टोल लगाने की बात कही है. इस प्रस्तावित कदम को लेकर कई देशों ने चिंता जताई है, क्योंकि होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है.

ट्रंप के इस ऐलान के बाद कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के खिलाफ बताया है, जबकि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने इसकी तीखी आलोचना करते हुए इसे "समुद्री डकैती" जैसा कदम बताया.

ब्राजील के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर साधा निशाना

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि इतिहास में इस तरह की कार्रवाई को समुद्री डकैती कहा जाता था और आज भी इसकी भावना अलग नहीं है.

LULA ACUSA A DONALD TRUMP DE PIRATERÍA

El presidente brasileño, Luiz Inácio Lula da Silva, dijo este lunes que Estados Unidos se convertirá en un país "pirata" si cobra una tasa a los buques que transiten el estrecho de Ormuz, como anunció su homólogo Donald Trump. pic.twitter.com/xg7BLtjkhd

— News On Demand (@OnDemand_News) July 14, 2026

लूला ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपनी वैश्विक ताकत का इस्तेमाल आर्थिक लाभ के लिए करना चाहता है. उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग सभी देशों के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए और किसी एक देश द्वारा उन पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश वैश्विक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है.

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दशकों से होर्मुज जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय जहाज बिना किसी टोल के गुजरते रहे हैं और यही व्यवस्था वैश्विक व्यापार की स्थिरता की आधारशिला रही है.

क्या है ट्रंप का नया प्रस्ताव?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य का "गार्डियन" यानी रक्षक होगा. उनका कहना है कि यह समुद्री मार्ग ईरान के सहयोग के बिना भी खुला रहेगा और अमेरिका इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी जहाजों और ईरान से जुड़े ग्राहकों के लिए प्रतिबंधात्मक व्यवस्था लागू की जाएगी, जबकि अन्य देशों के जहाज सामान्य रूप से इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे. साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए सभी कार्गो जहाजों से 20 प्रतिशत टोल वसूला जाएगा.

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है. फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है.

यदि इस मार्ग पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है या किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है.

बढ़ सकती हैं वैश्विक आर्थिक चुनौतियां

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका वास्तव में इस प्रस्ताव को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो कई देशों की ओर से कड़ा विरोध देखने को मिल सकता है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों, वैश्विक व्यापार व्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू होने की संभावना है.

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आधिकारिक नीति के रूप में कब और कैसे लागू होगा. लेकिन इतना तय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उठे इस नए विवाद ने पहले से तनावपूर्ण पश्चिम एशिया में कूटनीतिक और आर्थिक चिंताओं को और बढ़ा दिया है.

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