झूठे गांजा केस में फंसाने की साजिश, 5 गिरफ्तार: दुकान चलने से चिढ़े प्रतिद्वंद्वी ने रची साजिश, 1.230 किलो गांजा रखकर बुलाई थी पुलिस - Udaipur News

Published on 26 जुल॰ 2026

गोगुंदा और सायरा पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा करते हुए एक दंपती समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

उदयपुर जिले के सायरा कस्बे में एक क्लीनिक संचालक को झूठे एनडीपीएस (NDPS) केस में फंसाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। गोगुंदा और सायरा पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा करते हुए एक दंपती समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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व्यावसायिक रंजिश के चलते आरोपियों ने कृष्णा क्लीनिक में 1 किलो 230 ग्राम गांजा चुपके से रख दिया था और फिर पुलिस को झूठी सूचना दे दी। हालांकि पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज ने पूरी पोल खोल दी।

सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया- पुलिस को मुखबिर से खबर मिली थी कि सायरा-भानपुरा रोड स्थित कृष्णा मेडिकल में अवैध गांजा रखा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने क्लीनिक की तलाशी ली और वहां से 1.230 किलो गांजा जब्त किया। लेकिन क्लीनिक संचालक महेश हडिया ने पुलिस को बताया कि एक महिला दुकान में सफेद कट्टा रखकर गई थी। शक होने पर महेश ने जब पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उसमें पूरी करतूत कैद मिली।

व्यावसायिक रंजिश के चलते आरोपियों ने कृष्णा क्लीनिक में 1 किलो 230 ग्राम गांजा चुपके से रख दिया था और फिर पुलिस को झूठी सूचना दे दी।

व्यावसायिक रंजिश के चलते आरोपियों ने कृष्णा क्लीनिक में 1 किलो 230 ग्राम गांजा चुपके से रख दिया था और फिर पुलिस को झूठी सूचना दे दी।

पुलिस जांच में पता चला कि सामने ही मेडिकल चलाने वाले गोपाल कुमार राय की महेश से दुश्मनी थी। महेश ने करीब दो महीने पहले ही उसके सामने अपना मेडिकल शिफ्ट किया था, जिससे गोपाल का धंधा प्रभावित हो रहा था। इसी रंजिश में गोपाल ने अपने साथी पदमाराम के साथ मिलकर महेश को जेल भिजवाने का प्लान बनाया।

योजना के मुताबिक बाबला नाम का व्यक्ति गांजा लेकर आया। इसके बाद पदमाराम के कहने पर लीला बाई और उसके पति अशोक उर्फ आशाराम ने चुपके से कृष्णा क्लीनिक के अंदर गांजे का कट्टा रख दिया। कट्टा रखते ही आरोपियों ने पुलिस को खबर दे दी ताकि महेश पर एनडीपीएस का केस बन जाए।

शक होने पर महेश ने जब पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उसमें पूरी करतूत कैद मिली।

शक होने पर महेश ने जब पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उसमें पूरी करतूत कैद मिली।

सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने पहले लीला और अशोक को पकड़ा, जिन्होंने पूछताछ में पूरे रैकेट का नाम उगल दिया। पुलिस ने इस मामले में लीला बाई, उसके पति आशाराम, पदमाराम, मास्टरमाइंड गोपाल कुमार राय और बाबला को गिरफ्तार कर लिया है।

निर्दोष व्यापारी को साजिश से बचाने और निष्पक्ष जांच करने पर शाम को जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो स्थानीय व्यापार मंडल और ग्रामीणों ने सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह, गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह और उनकी टीम का मेवाड़ी पगड़ी व ऊपरना पहनाकर भव्य स्वागत किया।

इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।