सरकारी दवाइयां चुराकर बेच रहा था नर्सिंग ऑफिसर: घर पर बना रखा था गोदाम-मेडिकल स्टोर, 20 लाख रुपए की मेडिसिन और इंजेक्शन मिले - Tonk News

Published on 11 अक्टू॰ 2026

डीएसटी टीम ने सआदत अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर अकबर खान को सरकारी अस्पताल की नशीली दवाइयों, इंजेक्शनों के साथ पकड़ा है।

टोंक के जिला हॉस्पिटल का नर्सिंग ऑफिसर घर पर सरकारी दवाइयां बेच रहा था। डीएसटी और कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार रात उसके घर पर दबिश देकर सरकारी हॉस्पिटल की 20 लाख रुपए की दवाइयां, 47 हजार रुपए कैश और मोबाइल जब्त किया।

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आरोपी से नर्सिंग ऑफिसर अकबर खान (35) पुत्र अयूब खान का काली पलटन का रहने वाला है। उसने अपने घर पर अवैध रूप से मेडिकल स्टोर खोल रखा था। नौकरी की आड़ में हॉस्पिटल से ढाई साल से दवाइयां चोरी कर बेच रहा था।

कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के साथ सरकारी दवाइयों की चोरी और अवैध बिक्री से जुड़ी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। मामले की जांच पुरानी टोंक थाने को दी है।

अकबर खान से जब्त की गई मेडिसन।

अकबर खान से जब्त की गई मेडिसन।

600 अल्प्राजोलम टैबलेट और 355 ट्रामाडोल इंजेक्शन मिले

DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया - अकबर खान के घर से 600 अल्प्राजोलम (Alprazolam) टैबलेट, 355 ट्रामाडोल (Tramadol) इंजेक्शन और 200 एविल इंजेक्शन बरामद किए गए। ये सर्जिकल वार्ड के सर्जरी वाले पेसेंट को डॉक्टर द्वारा लिखने पर ही दी जाती है।

इसके अलावा 500 डेक्सामेथासोन, 500 रैनिटिडिन, 300 एमिकासिन, 210 सेफोपेराजोन, 200 डिक्लोफेनाक और 150 सेफ्ट्रिएक्सोन इंजेक्शन भी जब्त किए गए। मौके से जिनोसिन, मेरोपेनम, जेंटामाइसिन और हाइड्रोकार्टिसोन जैसे अन्य कीमती इंजेक्शन भी सैकड़ों की संख्या में मिले।

पुलिस ने भारी मात्रा में सरकारी उपयोग की सर्जिकल सामग्री भी जब्त की है। इसमें 3,500 से अधिक सिरिंज, कैनुला के पैकेट और अन्य कैप्सूल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद दवाइयों और सामग्री की कीमत लाखों रुपए है।

अकबर खान से जब्त किए गए इंजेक्शन।

अकबर खान से जब्त किए गए इंजेक्शन।

स्टॉक की जांच करेगा अस्पताल प्रशासन

सआदत हॉस्पिटल के पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने बताया - मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसी से अधिकृत जानकारी मिलने के बाद हॉस्पिटल के मेडिसिन स्टोर के स्टॉक की जांच कराई जाएगी। अस्पताल के मेडिसिन स्टोर से दवाइयां बाहर ले जाकर बिना डॉक्टर की सलाह से बेचा जा रहा था। नियमानुसार जांच कराने के बाद नर्सिंग ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।

DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया - आरोपी करीब करीब ढाई साल से सआदत हॉस्पिटल से दवाइयां, इंजेक्शन और अन्य सामग्री चोरी कर रहा था। घर पर ही मेडिकल स्टोर और अवैध रूप से गोदाम बना रखा था। रोजाना करीब दस हजार की दवाइयां बेचता था।

कर्मचारियों और डॉक्टरों की भूमिका की भी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अस्पताल के मुख्य मेडिसिन स्टोर से इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां बाहर कैसे पहुंचीं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में हॉस्पिटल के कुछ अन्य कर्मचारी या डॉक्टर भी शामिल हो सकते हैं।

मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए उन लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें ये दवाइयां बेची जानी थीं। पुलिस अवैध मेडिकल स्टोर संचालकों और नशा तस्करों से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।