जींद में हरित क्रांति: पीएम मोदी की 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' मुहिम को मिला बड़ा जनसमर्थन, रैली में दौड़े 466 इलेक्ट्रिक वाहन Green Revolution in Jind: PM Modi's 'Green Transport' campaign receives massive public support; 466 electric vehicles join the rally.

Published on 18 जुल॰ 2026

जींद में हरित क्रांति: पीएम मोदी की 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' मुहिम को मिला बड़ा जनसमर्थन, रैली में दौड़े 466 इलेक्ट्रिक वाहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन (Green Transportation) की सोच को हरियाणा की धरती पर एक नई दिशा मिली है। जींद में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान 466 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का एक साथ उपयोग किया गया, जो न केवल भारत के बढ़ते ई-मोबिलिटी संकल्प को दर्शाता है, बल्कि हरियाणा के लोगों की पीएम मोदी के विजन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। यह आयोजन देश के भविष्य को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और ई-मोबिलिटी का अनूठा संगम

जींद की इस रैली में इलेक्ट्रिक वाहनों की भारी संख्या में मौजूदगी ने यह संदेश दिया है कि आम जनता अब 'ग्रीन एनर्जी' को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए पीएम मोदी का जोर लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर रहा है। इस रैली में शामिल हुए 466 इलेक्ट्रिक वाहनों ने न केवल रैली में आने वाले लोगों को सुविधा प्रदान की, बल्कि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को कम करने का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया। स्थानीय लोगों के बीच भी इन वाहनों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

हरियाणा में बढ़ रहा है इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज

हरियाणा सरकार भी केंद्र की इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे लोग अब बेझिझक इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव कर रहे हैं। जींद की रैली में हुए इतने बड़े पैमाने पर ई-वाहनों का उपयोग यह साबित करता है कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इकोसिस्टम मजबूती से पनप रहा है। यह न केवल किफायती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम भी है।

पीएम मोदी का विजन और भारत का भविष्य

प्रधानमंत्री का सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो 'आत्मनिर्भर' होने के साथ-साथ 'प्रदूषण मुक्त' भी हो। जींद में दिखा यह जनसमर्थन पीएम मोदी के उस विजन की पुष्टि करता है, जिसमें वे देश की ऊर्जा जरूरतों को अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के माध्यम से पूरा करना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार का जनभागीदारी वाला मॉडल देश भर में अपनाया गया, तो भारत बहुत जल्द ही वैश्विक स्तर पर ग्रीन ट्रांसपोर्ट का नेतृत्व करने में सक्षम होगा। रैली में इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों का आना एक राजनीतिक संदेश के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की एक बड़ी दस्तक भी है।