यमुनानगर में 45 हजार घूस लेते JE और बेलदार गिरफ्तार : पंचकूला ACB ने बिछाया जाल, बिल पास करने के बदले मांग रहे थे रकम - Haribhoomi

Published on 14 जुल॰ 2026

सरकारी ठेकेदार ने एसीबी को दी थी शिकायत। सारे दस्तावेज पूरे होने के बावजूद बिलों का भुगतान रोकने का आरोप। पहले से घात लगाए बैठी टीम ने दोनों को दबोच लिया।

 Vigilance Raid

एसीबी की गिरफ्त में रिश्वत मांगने के आरोपी।

  • Published: 14 Jul 2026, 06:28 PM IST
  • Last Updated: 14 Jul 2026, 06:28 PM IST

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की पंचकूला टीम ने जाल बिछाकर यमुनानगर में कार्यरत सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) सौरभ कुमार और बेलदार करमजीत को 45,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ पंचकूला एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

भुगतान अटका कर ठेकेदार पर बनाया दबाव 
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक पीड़ित ठेकेदार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने सिंचाई विभाग के अंतर्गत एक निर्माण कार्य पूरा किया था।

कार्य से जुड़े सभी जरूरी कागजात और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी विभाग द्वारा उसके बकाये बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर (JE) सौरभ कुमार ने जानबूझकर फाइलों को रोक रखा था और ठेकेदार का भुगतान जारी करने के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहा था। 

बड़े अफसरों के नाम पर मांगी गई थी घूस 
एसीबी की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कनिष्ठ अभियंता (JE) ने शिकायतकर्ता ठेकेदार को फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने न केवल अपने लिए, बल्कि विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के हिस्से का हवाला देते हुए भी रिश्वत का दबाव बनाया। इसके बाद डील पक्की होने पर जेई ने रिश्वत की रकम कलेक्ट करने के लिए विभाग के ही बेलदार करमजीत को जरिया बनाया और उसे पैसे लाने के लिए भेजा।

केमिकल लगे नोटों के साथ रंगे हाथ दबोचा 
ठेकेदार की पुख्ता शिकायत के आधार पर पंचकूला एसीबी की टीम ने दोनों को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित ट्रैप तैयार किया। रणनीति के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने बेलदार करमजीत को 45,000 रुपये सौंपे, बेलदार ने वह रकम तुरंत JE सौरभ कुमार को दे दी।

दोनों के बीच पैसों का लेन-देन पूरा होते ही आसपास मुस्तैद खड़ी विजिलेंस की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने जेई के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली और दोनों सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो अब इस मामले में शामिल अन्य संभावित कड़ियों की भी गहनता से जांच कर रहा है।