रतलाम में चार साल पहले लूट के इरादे से की गई हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी जगन्नाथ (41) पिता भूरालाल मोगिया, निवासी ग्राम धमाना, बदनावर जिला धार को दोषी माना है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने उसे सश्रम आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए क
.
उप-निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय ने पैरवी की।
दो दिन से घर नहीं आया था राजेश
13 नवंबर 2022 को फरियादी कृष्ण मोहन शर्मा ने औद्योगिक क्षेत्र थाना रतलाम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका साला राजेश वासन पिता इन्द्रजीत वासन राजीव नगर में अकेला रहता था। वह दो दिन से अपनी मां से मिलने पीएनटी कॉलोनी स्थित घर नहीं आया था। उसका मोबाइल भी बंद था।
इसके बाद कृष्ण मोहन राजीव नगर स्थित राजेश के घर पहुंचे। घर का नीचे का मेन गेट खुला था। आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने परिचित शिवनारायण निवासी राजीव नगर को साथ लिया और ऊपर जाकर देखा।
कमरे में बंधी हालत में मिला था शव
ऊपर बीच वाले कमरों के दरवाजे खुले थे और सामान बिखरा हुआ था। तीसरी मंजिल के आखिरी कमरे में राजेश का शव पड़ा मिला। उसके पैर प्लास्टिक पैकिंग रिबन से बंधे थे। दोनों हाथ सफेद टेप से बंधे थे और मुंह व आंखों पर भी सेलो टेप चिपका हुआ था। नाक से खून निकला हुआ था।
रिपोर्ट के आधार पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पुलिस को हत्या लूट के इरादे से किए जाने की जानकारी मिली।
CCTV और DNA जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी अयुब खान ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। मृतक की शर्ट का DNA टेस्ट कराया गया। CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध के कपड़ों पर मिले खून के नमूने का भी DNA परीक्षण कराया गया।
जांच में 80 फीट रोड स्थित एक दुकान से सेलो टेप खरीदने का CCTV फुटेज भी अहम साक्ष्य रहा। इसके अलावा आरोपी के मोबाइल की CDR, CAF और लोकेशन की भी जांच की गई।
पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में पेश किया।
चार साल बाद कोर्ट ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने 22 नवंबर 2026 को जगन्नाथ को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे सश्रम आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
सनसनीखेज श्रेणी के इस प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोल्डन राय ने न्यायालय में पैरवी की।