बच्चों को पटककर इलाज करने वाले बाबा की कहानी: 4 साल से कर रहा तंत्र-मंत्र, बोला- ऑस्ट्रेलिया से लोग आए; सपने में आई महिला ने सिखाई विद्या - Sitamarhi News

Published on 8 अक्टू॰ 2026

“ऑस्ट्रेलिया से चार-पांच लोग आ चुके हैं। नेपाल से तो हर सोमवार करीब 200 से 250 लोग मेरे यहां पहुंचते हैं। 10 साल पहले मेरे सपने में मां कामाख्या और एक सफेद रंग की साड़ी पहने महिला मेरे सपने में आई, वही मुझे तंत्र विद्या सिखाई है।”

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सीतामढ़ी के महादेवपट्टी में बच्चों को इलाज के नाम पर हवा में झुलाने और जमीन पर पटकने वाले श्रवण भगत ने दैनिक भास्कर से बातचीत में यह जानकारी दी। आरोपी श्रवण को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।

आरोपी यह काम कब से कर रहा था, लोग उसके पास क्या परेशानी लेकर आते थे, आरोपी कैसे करता था इलाज, लोग अस्पताल की जगह डॉक्टर के पास क्यों जाते हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

आरोपी श्रवण भगत बच्चों के दोनों पैरों को पकड़कर हवा में झुलाता है।

आरोपी श्रवण भगत बच्चों के दोनों पैरों को पकड़कर हवा में झुलाता है।

दस धुर जमीन में बने फूस के घर में रहता है श्रवण

श्रवण महतो सीतामढ़ी जिले के परिहार थाना क्षेत्र के महादेवपट्टी गांव का रहने वाला है। परिवार में तीन भाई हैं और श्रवण सबसे छोटा है।

उसके दो भाई बाहर किसी कंपनी में मजदूरी करते हैं। दोनों का अपना पक्का छत वाला घर है। वहीं श्रवण अपने माता-पिता के साथ करीब दस धुर जमीन में बने फूस के घर में रहता है।

घर की स्थिति साधारण है। मां गृहिणी हैं, जबकि पिता उसके इस काम में हाथ बंटाते है। स्थानीय लोगों के अनुसार, श्रवण पिछले करीब चार साल से बच्चों को इलाज करने के लिए अपने पास बुलाता था। इसके लिए गांव के श्मशान परिसर का इस्तेमाल किया जाता है।

सोमवार और शुक्रवार को यहां बच्चों को लेकर लोग पहुंचते है। इनमें ऐसे बच्चों को लाया जाता है, जिनके बारे में परिवार को लगता है कि उन्हें बोलने या चलने में परेशानी है।

जिस जगह तंत्र-मंत्र की क्रिया पिछले चार सालों से चल रही थी, वहां से परिहार पुलिस स्टेशन की दूरी मात्र साढ़े चार किलोमीटर पर है।

जिस जगह तंत्र-मंत्र की क्रिया पिछले चार सालों से चल रही थी, वहां से परिहार पुलिस स्टेशन की दूरी मात्र साढ़े चार किलोमीटर पर है।

पहले पूरा मामला समझिए क्या है?

6 अक्टूबर को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद श्रवण भगत के तंत्र क्रिया को पहली बार लोगों ने जाना। वीडियो में श्रवण भगत बच्चों को इलाज करने का काम करता है। वह अपने शरीर को हिलाता-डुलाता है, फिर बच्चे को झटके से उठा लेता है,

उसके उठाते ही बच्चे बेसूध हो जाते हैं, कई बच्चे इतने डरे होते हैं कि उसकी आवाज तक गुम हो जाती है। आरोपी बच्चे को दोनों पैरों को से पकड़ता है, और हवा में लहराता है, फिर झटके में जमीन पर छोड़ देता है,

वीडियो में एक साथ कई बच्चे जमीन पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो तेजी से वायरल होने के कारण पुलिस ने खुद इस मामले को संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज की। इसके अगले दिन पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से शहर छोड़ने के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

श्रवण के पास इलाज के लिए पहुंची महिलाओं की भीड़ है, और बीच में श्रवण इलाज की क्रिया कर रहा।

श्रवण के पास इलाज के लिए पहुंची महिलाओं की भीड़ है, और बीच में श्रवण इलाज की क्रिया कर रहा।

गिरफ्तारी के दौरान श्रवण ने मीडिया से बातचीत की, जिसमें उसने कई सवालों के जवाब दिए। पढ़िए सवाल-जवाब..

  1. इलाज में आप क्या करते हैं? इलाज में हम अक्षत और अरबा चावल देते हैं, अक्षत हम मां कामख्या और भगवान नर्सिंह के नाम से देते हैं।
  2. इलाज को लेकर कभी कोई शिकायत आई है? आज तक किसी भी गार्जियन ने कोई शिकायत नहीं दी है, बहुत बच्चों को ठीक किया है, ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई बच्चा यहां से जाने के बाद बीमार हुआ हो, या मर गया हो।
  3. विदेश से कितने लोग आए हैं अब तक?ऑस्ट्रेलिया से 4-5 लोग आ चुके हैं, जबकि नेपाल से हर हफ्ते 200 से ढाई सौ लोग पहुंचते हैं।
  4. तंत्र विद्या कहां से सीखा? हम स्वप्न में सीखे।
  5. कैसे स्वप्न में सीखा, कुछ बताइए? बहुत साल पहले मेरे सपने में सफेद साड़ी पहने एक महिला आई, उसी ने मुझे सारी विधि सिखाई।
  6. और कहां-कहां से लोग आपके यहां पहुंचते हैं?मेरे यहां सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पटना और दिल्ली तक से लोग पहुंचते हैं।

भास्कर रिपोर्टर श्रवण भगत पूरे मामले को समझने के लिए महादेवपट्टी के उस स्थान पर पहुंचे, जहां तंत्र-मंत्र की क्रिया की जाती थी। मौके पर पड़ताल के दौरान पता चला कि श्रवण के पास सिर्फ बच्चों का ही नहीं, बल्कि बड़ी उम्र की महिलाओं का भी इलाज किया जाता था।

बच्चों को पैरों से हवा में झुलाता फिर जमीन पर झटके से रखता है श्रवण।

बच्चों को पैरों से हवा में झुलाता फिर जमीन पर झटके से रखता है श्रवण।

परिवार की क्षमता देख पैसे लेता था

महादेवपट्टी के रहने वाले पप्पू कुमार ने बताया कि श्रवण के पास बच्चे लेकर आने वाले परिवारों से इलाज के नाम पर कोई तय रकम नहीं ली जाती थी। परिवार की जितनी क्षमता होती थी, उस हिसाब से पैसे, पूजा का सामान या प्रसाद के लिए जरूरी चीजें लेकर आते थे। परिवारों को पहले पूजा और तंत्र की प्रक्रिया के बारे में बताया जाता था। इसके बाद बच्चे को उसके सामने बैठाया या पकड़कर कथित इलाज किया जाता था।

बच्चों को किस परेशानी में लाया जाता था

ग्रामीण आशीष का कहना है कि महादेवपट्टी में हर सोमवार और शुक्रवार को भीड़ लगती है। हम लोग रास्ते से गुजरते हैं, तो देखते रहते थे। यहां सिर्फ बच्चों का ही नहीं, बड़ों का भी इलाज करने की बात कही जाती है। खासकर महिलाएं इसमें ज्यादा रहती हैं। कभी-कभी रुककर वहां देखते हैं, तो डर-सा लगता है। ऐसा लगता है, दिमाग घूम जाएगा। अजीब हरकतें होती हैं। महिलाएं कमजोर होती हैं, लेकिन शरीर को अजीबोगरीब तरीके से हिलाती हैं। लोग कहते हैं कि उसके ऊपर भूत-प्रेत आता है, उसी का इलाज चल रहा है।

दुकानदार अजय का कहना है कि हम तो लोगों को पता बता-बताकर परेशान हो गए। दूर से आने वाले लोग पहले गांव में जगह पूछते और फिर श्मशान परिसर तक पहुंचते थे। हम लोग इलाज के बारे में सुनते ही रहे हैं। भीड़ लगती है, लेकिन कभी खुद से इलाज के लिए नहीं गए।

पुलिस को पहले ही बंद कराना चाहिए था

गांव के ही रहने वाले शंभू शर्मा ने कहा कि देखा-सुनी यहां चलती है, कई सालों से होता रहा है, लेकिन ऐसा कभी नहीं सुना कि किसी की हालत बहुत बिगड़ गई हो या कोई अनहोनी हो गई हो।

इसलिए इससे पहले कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। अब लोगों की आस्था है, तो आस्था पर कुछ कर नहीं सकते। पुलिस को पहले से ही ऐसी चीजों पर ध्यान देना चाहिए था और इसे बंद कराना चाहिए था। इससे लोगों की सोच भी खराब होती है।

जबकि गांव के ही आलोक कुमार का कहना है कि लोगों को उसके पास बच्चों को ले जाने की जानकारी थी, लेकिन इसे शिकायत के लायक मामला नहीं माना गया।

वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई शुरू की और बाद में श्रवण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

आरोपी को सीतामढ़ी जेल भेज दिया गया एसपी अमित रंजन ने बताया कि परिहार थाना क्षेत्र के महादेवपट्टी में एक तांत्रिक द्वारा बच्चों के पैर पकड़कर उन्हें हवा में झुलाने और जमीन पर पटककर इलाज करने का वीडियो सामने आया था।

इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले श्रवण महतो को सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। वह दिल्ली भागने की फिराक में था, इससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

एसपी ने बताया कि पूछताछ में श्रवण ने दावा किया कि उसके यहां नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से लोग अपने बच्चों का इलाज कराने आते थे।

हालांकि, एसपी के मुताबिक इन दावों की अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद तांत्रिक श्रवण महतो को सीतामढ़ी जेल भेज दिया गया है।