प्रदेश सरकार की स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने का विरोध अब व्यापक होता जा रहा है। इस योजना में कार्य नहीं करने वाले 30 प्रोविजनरी पटवारियों को जिला प्रशासन ने सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। इससे पटवारियों में हड़कंप है। विरोध
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इस तरह अब पटवारी गुरुवार से ऑनलाइन और ऑफलाइन सरकारी कार्य नहीं कर रहे हैं। पटवारियों ने अब पूर्णकालिक बहिष्कार शुरू कर दिया है। पटवारी संघ द्वारा तहसील कार्यालय परिसर में अब टेंट लगाकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। पटवारियों की हड़ताल के चलते गुरुवार को नामांकन, बंटवारा, सीमांकन, जाति प्रमाण पत्र सहित 2500 से ज्यादा आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सैकड़ों पक्षकारों को वापस लौटना पड़ा। पटवारियों ने अब आगे की रणनीति बनाकर कार्य करना शुरू कर दिया है।
विदिशा तहसील में पटवारी सुरेंद्र सोलंकी, धीरज अग्रवाल और आर्जवी पालस्कार को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया गया है। सूत्रों के मुताबिक नोटिस मिलने के बाद आर्जवी पालस्कर ने शासकीय कार्य करना शुरू कर दिया है। ग्राम सहजाखेड़ी के 65 साल के बुजुर्ग सड्डू अहिरवार पट्टे की 9 बीघा जमीन का कब्जा लेने आए थे। उनकी जमीन पर ग्राम चोघड़ी के कन्धई किरार ने कब्जा कर लिया है। जमीन का सीमांकन होना है। वे भी 3 घंटे इंतजार के बाद रवाना हो गए। 70 साल के बुजुर्ग हीरालाल ग्राम सलैया से आए थे। उनको जमीन का नामांतरण करवाना था। पटवारी हड़ताल पर थे। इस कारण कोई काम नहीं हुआ। वे तहसील के बाहर सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बैठे रहे।
पटवारी अब एसडीएम और तहसीलदारों द्वारा बनाए गए ग्रुपों से लेफ्ट हो रहे हैं। पूरे जिले में 12 तहसीलें हैं। इनमें 24 ग्रुप बने हैं। ऐसे में 546 पटवारी सभी 24 ग्रुपों से लेफ्ट हो रहे हैं। एसडीएम और तहसीलदार ने अपने-अपने ग्रुपों से संबंधित पटवारियों को ऑनलाइन कार्य के लिए मैसेज भेजते हैं। जाति प्रमाण पत्र के अलावा शासन के 99% कामकाज ऑनलाइन ही हो रहा है।
कार्य नहीं करने वालों पर करेंगे कार्रवाई ^जो पटवारी कार्य नहीं करेंगे, उन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। विदिशा में 3 प्रोविजनरी पटवारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है। पटवारी नहीं माने तो हम पंचायत सचिवों से भी जनता के कार्य करवाएंगे। लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। - मनीष जैन, एसडीएम, विदिशा
ग्राम पड़रिया के किसान कल्याण सिंह अहिरवार की जमीन का सीमांकन होना है। उसका नक्शा भी निकलवाना है, लेकिन पटवारी हड़ताल से कोई काम नहीं हुआ। उनके साथ गांव के दूसरे किसान भी आए थे, वे भी बैरंग लौट गए।
पटवारियों की हड़ताल से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जाति प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस कार्य, पीएम सम्मान निधि, सीएम सम्मान निधि, फार्मर आईडी बनाने, रजिस्ट्री और नामांतरण में अपनी फील्ड रिपोर्ट लगाने सहित सभी कार्य ठप हो गए हैं।