Supaul News: सुपौल के सदर थाना क्षेत्र में एक निजी मदरसे में खाना खाने के बाद चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई. सभी को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान 10 साल की छात्रा अल्फिशा की मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मदरसे पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है. हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
खाना खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
घटना बीते सोमवार की है. बसबिट्टी रोड स्थित नगर परिषद के वार्ड नंबर-19 में जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट के तहत निजी मदरसा संचालित होता है. यहां करीब 60 से 65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. बताया गया कि सोमवार को मदरसे में रहने वाली छात्रा अल्फिशा की मां उससे मिलने आई थीं. वह अपनी बेटी के लिए मिठाई और समोसा लेकर आई थीं. मां के वापस जाने के बाद अल्फिशा समेत चार छात्राओं ने खाना खाया.
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इसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और चारों बेहोश हो गईं. बीमार होने वाली छात्राओं में आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और 10 वर्षीय अल्फिशा शामिल थीं. सभी को आनन-फानन में सुपौल शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान अल्फिशा की मौत हो गई.
मौत के बाद मदरसे में मचा हड़कंप
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही मदरसे में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना पुलिस को दी गई. इसके बाद पुलिस टीम मदरसे पहुंची और परिसर का निरीक्षण किया. पुलिस ने मदरसा संचालक और वहां मौजूद शिक्षकों से भी पूछताछ की. सदर एसडीपीओ ने भी मौके पर पहुंचकर प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर छात्राओं की तबीयत किस वजह से बिगड़ी. खाने की गुणवत्ता और छात्राओं को दिए गए भोजन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
एक छात्रा की मौत, कई का इलाज जारी
सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मदरसे पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि मदरसे में बड़ी संख्या में छात्राएं आवासीय व्यवस्था के तहत रह रही हैं. एक छात्रा की मौत हो चुकी है, जबकि दो-तीन अन्य छात्राओं के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराने की जानकारी मिली है. प्रशासन की ओर से उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है.
डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम पहुंची
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम मदरसे पहुंची. टीम ने संस्था से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. अधिकारी यह भी पता कर रहे हैं कि मदरसे को छात्राओं को आवासीय सुविधा देने की अनुमति है या नहीं. इसके अलावा छात्राओं के रहने की व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाएं और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.
मदरसा प्रबंधन के अनुसार, संस्था करीब दो वर्षों से संचालित हो रही है. यहां लगभग 60 से 65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. संचालक खलील रहमान ने बताया कि मृत छात्रा अल्फिशा भी करीब डेढ़ से दो साल से इसी परिसर में रह रही थी. अब प्रशासन संस्था के संचालन से जुड़े दस्तावेजों के साथ आवासीय व्यवस्था की भी जांच कर रहा है.
शुरुआती जांच में फूड प्वाइजनिंग का शक
सदर डीएसपी के अनुसार, शुरुआती तौर पर छात्राओं की तबीयत खराब होने का मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है. हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. एसपी शरथ आरएस ने बताया कि पुलिस को मदरसे में एक बच्ची की मौत और अन्य बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली थी. पुलिस डॉक्टरों से भी जानकारी ले रही है. मृतका के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है.

प्रियरंजन राठौड़
प्रियरंजन राठौड़ वर्तमान में TV9 भारतवर्ष में सुपौल जिला संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका सफर वर्ष 2010 में शुरू हुआ. शुरुआती दौर में उन्होंने मधेपुरा जिले से नक्षत्र न्यूज़ बिहार के साथ जुड़कर अपने पत्रकारिता जीवन की नींव रखी. इसके बाद सहरसा जिले से राज्यसभा टीवी के लिए कई वर्षों तक कार्य किया और क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों की रिपोर्टिंग में सक्रिय भूमिका निभाई. मूल रूप से वह सुपौल जिले के बसबिट्टी पंचायत के निवासी हैं. निरंतर बेहतर और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के माध्यम से समाज और लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही उनका उद्देश्य है.
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