Aug 17, 2026 11:59 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
दिलचस्प बात यह है कि जब वो यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने एक या दो नहीं बल्कि करीब 37 प्रतियोगी परीक्षाएं दी और करीब सभी में सफलता हासिल की थी। आज उनकी पहचान एक शानदार ऑफिसर के तौर पर है।

आईपीएस अनुराग आर्य सक्सेस स्टोरी
कहते हैं कि अगर आपके अंदर कुछ करने का जुनून और दृढ़ संकल्प हो, तो मंजिल पाने में आपको तनिक भी देर नहीं लगेगी। कुछ ऐसी ही कहानी है आईपीएस अधिकारी अनुराग आर्य की, जिन्होंने अपने मेहनत के दम पर पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की और 163वीं रैंक हासिल की। दिलचस्प बात यह है कि जब वो यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने एक या दो नहीं बल्कि करीब 37 प्रतियोगी परीक्षाएं दी और करीब सभी में सफलता हासिल की थी। आज उनकी पहचान एक शानदार ऑफिसर के तौर पर है। जिन्होंने अपने कार्यकाल में एक से बढ़कर एक खूंखार अपराधियों को धूल चटाया है। यही वजह है कि अनुराग आर्य ने देश के 100 सर्वश्रेष्ठ जिला पुलिस प्रमुखों की सूची में जगह बनाई है।
बागपत के छपरौली गांव में जन्म
अनुराग आर्य का जन्म 1987 में बागपत जिले के छपरौली गांव में हुआ। परिवार में उनकी मां डॉ. पूनम आर्य, पत्नी वनिका सिंह और बेटी अनाइका आर्य हैं। पत्नी वनिका सिंह पीसीएस अधिकारी हैं। आईपीएस अनुराग आर्य अमेठी, बलरामपुर, मऊ, प्रतापगढ़ और आजमगढ़ में सेवाएं दे चुके हैं। वह बास्केटबॉल के खिलाड़ी हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी से प्रशिक्षित पर्वतारोही, औली से प्रमाणित स्कीयर हैं और हैदराबाद मैराथन और दिल्ली हाफ मैराथन सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं।
कहां से की पढ़ाई लिखा
अनुराग आर्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की और फिजिक्स में बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की। पहले उनका सेलेक्शन आरबीआई में हुआ था, इसके करीब आठ महीने बाद साल 2013 में वह पहले प्रयास में ही आईपीएस बने, जिसमें उनकी रैंक 163 थी।
37 प्रतियोगी परीक्षाएं की पास
यूट्यूब के एक वीडियो में वो बताते हैं कि जब वो यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने करीब 37 प्रतियोगी परीक्षाएं थी और जिसमें उन्होंने सभी में सफलाएं हासिल की थी। लेकिन पहली प्रतियोगी परीक्षा जिसमें मुझे असफलता मिली वो थी आरबीआई की परीक्षा। वो कहते हैं कि मैंने पहली बार उस परीक्षा में हिस्सा लिया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसकी एक वजह यह थी कि मैं साइंस का छात्र था। वो कहते हैं कि उस परीक्षा के लिए मुझे अचानक इकोनॉमिक्स और फाइनेंस जैसे विषयों की तैयारी करनी पड़ी। लेकिन दोबारा प्रयास किया, तो सफल रहें।
ऐसे की तैयारी
इतना ही नहीं वो बताते हैं कि पहले उन्होंने करीब डेढ़ साल जमकर यूपीएससी की तैयारी की। इसके बाद उन्होंने करीब 7 से 8 दोस्तों के ग्रुप के साथ तैयारी की। वो बताते हैं कि वे अक्सर पूरी रात बैठकर पढ़ते थे और दिन में आराम करते थे। उन्हें इस दौरान अपने दोस्तों के बीच बनी टीम स्प्रिट सबसे ज्यादा अच्छी लगी। उनके मुताबिक, UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी में इस तरह की टीम भावना बनाना सामान्यतः मुश्किल होता है। लेकिन उनके लिए परफेक्ट साबित हुआ। आखिरकार वे पहले ही प्रयास में UPSC में सफल हो गए। लेकिन उनके कई दोस्त ऐसे भी थे जो लगातार प्रयास कर रहे थे। कुछ का दूसरा प्रयास हो चुका था, कुछ तीसरे प्रयास में थे और कुछ कई वर्षों से तैयारी कर रहे थे।
टॉप 100 में बनाई जगह
बता दें कि फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में देशभर के जिला पुलिस प्रमुखों में से चयनित 100 अधिकारियों में उत्तर प्रदेश से 10 पुलिस कप्तानों को स्थान मिला है, जिनमें अनुराग आर्य भी शामिल हैं। इस सर्वेक्षण में पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व, कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनता के साथ उनके संबंधों को प्रमुख आधार बनाया गया है। इसके अलावा महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, संकट के समय निर्णय क्षमता, आधुनिक तकनीक व नवाचार का इस्तेमाल और पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यशैली जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
कई स्तर पर मूल्यांकन के बाद चयन
चयन के लिए आधिकारिक आंकड़ों और प्रशासनिक स्रोतों के साथ ही मीडिया रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय, सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी व जमीनी स्तर के सर्वेक्षण को भी आधार बनाया गया। साथ ही अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था में सुधार, जनमित्र पुलिसिंग, दूरदर्शी नेतृत्व एवं नवाचार, पारदर्शिता और जवाबदेही, त्वरित निर्णय क्षमता, संकट प्रबंधन, व्यवहार कुशलता एवं जनसंपर्क, प्रबुद्ध वर्ग की राय तथा मीडिया और सार्वजनिक छवि समेत दस मानक तय किए गए थे।
यूपी के ये अधिकारी चुने गए
यूपी से सूची में आकाश पटेल (चंदौली), अनुराग आर्य (बरेली), अपर्णा रजत कौशिक (मिर्जापुर), दीक्षा शर्मा (ईस्ट जोन लखनऊ), डॉ. कौस्तुभ (गोरखपुर), इलामारन जी. (एटा), केके बिश्नोई (संभल), प्राची सिंह (अंबेडकरनगर), डॉ. इराज राजा (गाजीपुर) और सर्वानंद टी. (अमेठी) का चयन हुआ है।
बरेली कार्यकाल में अनुराग आर्य की सफलताएं
- अगस्त 2024 में शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में सीरियल किलर कुलदीप को गिरफ्तार कर दहशत का अंत किया, जिससे लगातार हो रही महिलाओं की हत्या पर रोक लगी।
- सितबंर 2025 में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर गोल्डी बराड़ गैंग द्वारा की फायरिंग की घटना का खुलासा। दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, एक मुठभेड़ में घायल, तीन गिरफ्तार।
- सितंबर 2025 में तौकीर रजा द्वारा बवाल कराने पर दस केस दर्ज किए गए। तौकीर समेत 101 उपद्रवी जेल भेजे गए।
- तैनाती के बाद से अब तक लूट, गोकशी, महिला अपराध, हत्या में लिप्त 213 से ज्यादा बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार किए।
-अक्टूबर 2025 में डकैती में वांछित एक लाख रुपये के इनामी फिरोज उर्फ शैतान उर्फ इफ्तेखार और मार्च 2016 में पत्नी और साले की हत्या करने वाले अफसर का एनकाउंटर।
