साइबर क्राइम में प्रकरण होगा दर्ज: नामांतरण घोटाला : 356 खातों में हेरफेर की पुष्टि, तीन की सेवा समाप्त और दो निलंबित - Indore News

Published on 18 अग॰ 2026

बिना आवेदन के संपत्ति कर खातों में नामांतरण करने और मकान मालिकों के नाम बदलने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। तीन अपर आयुक्तों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद तीन मस्टर/बिल कलेक्टर कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि दो

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  • एआरओ को शोकॉज नोटिस, आउटसोर्स कर्मी होगा ब्लैकलिस्ट

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने वार्ड 39 के बिल कलेक्टर रियाज अंसारी और मुख्यालय राजस्व में पदस्थ संजय यादव को निलंबित किया है। जोन 13 के बिल कलेक्टर सौरभ तिवारी, मस्टर कर्मी संतोष मालवीय, जोन 20 के बिल कलेक्टर अजय सोलंकी की सेवा समाप्त कर दी है। जोन 4 के प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी तरुण जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आउटसोर्स कर्मचारी सागर पवार का नाम आने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र भेजा गया है।

नवंबर से अप्रैल में फर्जीवाड़ा

निगम में नवंबर से अप्रैल के बीच 356 संपत्ति कर खातों में बिना विधिवत आवेदन के नामांतरण और स्वामित्व में हेरफेर की शिकायतें आई थीं। जांच समिति ने भोपाल स्थित ई-नगर पालिका पोर्टल से रिकॉर्ड और तकनीकी डेटा जुटाकर यह पता लगाया कि फर्जीवाड़ा किन स्तरों पर हुआ। निगमायुक्त ने उपायुक्त (राजस्व) को साइबर क्राइम शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।

भास्कर इनसाइट

घोटाला उजागर होने के बाद निगम ने प्रणाली में किए ये 5 बड़े बदलाव

  • ओटीपी व्यवस्था: पोर्टल पर लॉगिन और आईडी के उपयोग के लिए ओटीपी अनिवार्य कर दिया है।
  • मानक संचालन प्रक्रिया: नामांतरण और कर खातों में संशोधन के लिए सख्त एसओपी लागू की गई है।
  • स्वामित्व का नया कॉलम: ई-नगर पालिका पोर्टल पर अब स्पष्ट लिखा होगा कि संपत्ति स्व-स्वामित्व की है या कब्जे की।
  • खरीद-फरोख्त पर रोक: अपर आयुक्त ने रजिस्ट्रार कार्यालय को पत्र भेजा है; अब केवल वही लोग खरीद-फरोख्त कर सकेंगे, जिनका नाम स्वामित्व कॉलम में दर्ज होगा।
  • अवैध निर्माणों से टैक्स संग्रह: निगम एमआईसी के माध्यम से अवैध निर्माण वालों से भी टैक्स वसूलने की तैयारी में है।

कहीं आपके संपत्ति कर खाते में तो नहीं हुआ फेरबदल? ऐसे करें चेक

  • ई-नगर पालिका पोर्टल पर जाएं : mpenagarpalika.gov.in पर जाकर अपनी संपत्ति का खाता नंबर सर्च करें।
  • स्वामित्व की स्थिति देखें : नए अपडेट के बाद पोर्टल पर देखें कि आपकी आईडी के आगे नाम और स्वामित्व सही दर्ज है या नहीं।
  • मोबाइल नंबर/ओटीपी अपडेट कराएं : यदि आपका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो तुरंत अपने संबंधित जोन कार्यालय जाकर अपडेट कराएं ताकि कोई भी बदलाव होने पर आपके पास तुरंत अलर्ट/ओटीपी आ सके।
  • गड़बड़ी दिखने पर शिकायत करें: यदि बिना आपकी जानकारी के नाम या खाते में कोई बदलाव दिखे, तो सीधे निगमायुक्त कार्यालय या उपायुक्त (राजस्व) को लिखित शिकायत दर्ज कराएं।