Updated On: Jul 26, 2026 | 07:52 AM IST
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सार
Heavy Rain: गुजरात और असम में भीषण बारिश और बाढ़ से भारी तबाही हुई है तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अब तक लगभग 100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सेना और NDRF राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।

सांकेतिक फोटो (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Rescued Elephant Amid Heavy Rain In Nagaland Dikhow River Assam: भारत के कई राज्य इस समय भीषण मानसून और बाढ़ की चपेट में हैं, जहां गुजरात और असम में स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले गुजरात में पिछले दो दिनों में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में 35 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि असम में मृतकों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है।
पाटन और राधनपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
गुजरात के कई जिलों में इंद्रदेव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। राज्य के पाटन जिले के संतालपुर तालुका में शनिवार सुबह तक मात्र 24 घंटों में 381 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि राधनपुर में 342 मिमी पानी बरसा है। राज्य के 173 तालुकाओं में 250 मिमी से अधिक बारिश होने के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने उत्तर गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा, पाटण, मेहसाणा और सौराष्ट्र के सुरेंद्रनगर व मोरबी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दक्षिण गुजरात में बारिश की गति थोड़ी धीमी हुई है और सरदार सरोवर नर्मदा बांध 68 प्रतिशत तक भर गया है।
सात हजार से अधिक का रेस्क्यू
बाढ़ के बीच फंसे लोगों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अब तक राज्य में लगभग 42 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। NDRF की 18 और SDRF की 32 टीमों के साथ-साथ कई संवेदनशील इलाकों में भारतीय सेना को भी तैनात किया गया है।
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अहमदाबाद के ढोलका तालुका में NDRF ने 103 लोगों को सुरक्षित निकाला, वहीं नवसारी में 120 ग्रामीणों को मौत के मुंह से बाहर लाया गया। मानवता की एक मिसाल अहमदाबाद के भेटावाडा गांव में देखने को मिली, जहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को NDRF के जवानों ने नाव के जरिए 108 एंबुलेंस तक पहुंचाया और उसकी जान बचाई।
असम में सात लाख लोग प्रभावित
असम में बाढ़ का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के नौ जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार राज्य प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।
नगालैंड से बहकर आए हाथी का चमत्कारिक बचाव
बाढ़ की इस त्रासदी के बीच एक सुखद खबर असम के शिवसागर जिले से आई। नगालैंड की पहाड़ियों से बहकर आया एक 53 साल का पालतू हाथी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी डिखो के तेज बहाव में फंस गया था। वन विभाग और वेटेरिनरी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाथी को नजीरा के पास सुरक्षित बचा लिया। इलाज के बाद हाथी अब खतरे से बाहर है और अधिकारियों की देखरेख में आराम कर रहा है।
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महाराष्ट्र के पालघर में आर्थिक सहायता का वितरण
बाढ़ का असर केवल गुजरात और असम तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में इस महीने की शुरुआत में आई बाढ़ में 20 लोगों की मौत हो गई थी। प्रशासन ने अब पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक मदद देना तेज कर दिया है। प्रत्येक पात्र परिवार के लिए 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मंजूर की गई है, जिसमें से आठ परिवारों को सहायता राशि प्रदान भी कर दी गई है।
वर्तमान में, प्रशासन और बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगले कुछ दिन इन राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
