'घर सिर्फ सोने आता हूं...' 35 हजार की सैलरी और 6 घंटे का सफर, मुंबई के कर्मचारी का छलका दर्द

Published on 21 अग॰ 2026

'घर सिर्फ सोने आता हूं...' 35 हजार की सैलरी और 6 घंटे का सफर, मुंबई के कर्मचारी का छलका दर्द

मुंबई लोकल में पिसती एक आम जिंदगीImage Credit source: Getty Images

मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, लेकिन इन्हीं सपनों को पूरा करने की कीमत हर दिन लाखों लोग अपनी सेहत, सुकून और समय देकर चुकाते हैं. हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक कर्मचारी ने अपनी आपबीती साझा की, जिसने मुंबई के डेली कम्यूट की दर्दनाक सच्चाई उजागर कर दी है. 35,000 की तनख्वाह पाने वाला यह शख्स हर दिन बदलापुर से गोरेगांव के बीच 6 घंटे सिर्फ सफर में बिताता है.

सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक का थका देने वाला शेड्यूल

कर्मचारी ने बताया कि उसकी दिनचर्या सुबह 5 बजे शुरू होती है. 6:30 बजे घर से निकलकर वह बदलापुर स्टेशन पहुंचता है, जहां से 7:15 की लोकल ट्रेन पकड़कर दादर जाता है. फिर वेस्टर्न लाइन बदलकर गोरेगांव पहुंचता है और वहां शेयर ऑटो की 30 मिनट लंबी कतार में खड़ा रहता है. रात 11 बजे घर लौटने के बाद उसके पास केवल सोने का समय बचता है.

ऑफिस के पास रहना बजट से बाहर

ऑफिस के पास रहने के सवाल पर उसने अपनी आर्थिक मजबूरी बयां की. 35,000 रुपए की सैलरी में गोरेगांव या आसपास के इलाकों में पीजी लेना काफी महंगा है, जबकि सस्ते पीजी में स्वच्छता का नामोनिशान नहीं होता. मजबूरी में उसे हर दिन सेंट्रल लाइन से वेस्टर्न लाइन तक का यह लंबा और दर्दनाक सफर तय करना पड़ता है. यह भी पढ़ें: मुझसे नहीं होगा जॉइनिंग के 6 घंटे बाद ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, वायरल हुआ मामला

लोग बोले- ‘यह सफर नहीं, टॉर्चर है भाई’

इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं. किसी ने हफ्ते में 2-3 दिन सस्ते हॉस्टल या डॉर्म में रुकने की सलाह दी ताकि यात्रा का मानसिक तनाव कम हो सके. कई लोगों ने उसे छुट्टियां लेकर नए इंटरव्यू की तैयारी करने को कहा, जिस पर पीड़ित ने बताया कि उसकी फील्ड में मौके बहुत सीमित हैं. यह भी पढ़ें: अमेरिका में लाखों का पैकेज, फिर भी डर-डरकर क्यों जी रहा ये भारतीय, बोला- ‘सर्वाइवल मोड में हूं’

I travel for 6 hours everyday from Badlapur to Goregaon by u/underground-chicken in mumbai

Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. शुरुआत में वे भोपाल के 'पीपुल्स समाचार' अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के 'जानो दुनिया' (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई. अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं. अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे. अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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