Jul 30, 2026 06:30 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
मुख्य बातें
- हुंडई मोटर इंडिया का FY27 की पहली तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा
- कंपनी का शुद्ध मुनाफा 35% घटकर ₹888.6 करोड़ रह गया, जबकि रेवेन्यू 0.5% घटकर ₹16,334.6 करोड़ रहा
- सप्लायर की फैक्ट्री में आग लगने से करीब 13,900 वाहनों का उत्पादन प्रभावित हुआ और वेस्ट एशिया संकट के कारण निर्यात भी कमजोर रहा

हुंडई का FY27 की पहली तिमाही में शुद्ध मुनाफा 35% घटकर हुआ ₹888.6 करोड़।
देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही ज्यादा अच्छी नहीं रही। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 35% घटकर 888.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह इससे काफी अधिक था। कंपनी की ऑपरेशन से आय (Revenue) भी मामूली 0.5% घटकर 16,334.6 करोड़ रुपये रह गई। वहीं, EBITDA 31% गिरकर 1,511.7 करोड़ रुपये पर आ गया और EBITDA मार्जिन भी 13.3% से घटकर 9.3% रह गया, जिससे साफ है कि कंपनी की मुनाफाखोरी पर दबाव बढ़ा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
कंपनी ने बताया कि इस कमजोर प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह एक सप्लायर की फैक्ट्री में लगी आग रही। इस घटना के कारण जून महीने में हुंडई (Hyundai) को करीब 13,900 गाड़ियों का उत्पादन नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, 22 जून के बाद उत्पादन फिर से सामान्य हो गया और कंपनी को उम्मीद है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में इस नुकसान की भरपाई कर ली जाएगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव की वजह से निर्यात (Exports) भी प्रभावित हुआ, जिसका असर बिक्री और मुनाफे दोनों पर पड़ा।
हुंडई (Hyundai) भारत में ग्रैंड i10 नियोस, i20, ऑरा, वरना, वरना, क्रेटा, अल्काजार, एक्सटर, क्रेटा इलेक्ट्रिक (Creta Electric) और आयनिक 5 (Ioniq 5) जैसी कई लोकप्रिय कारों की बिक्री करती है। कंपनी का कहना है कि उत्पादन सामान्य होने के बाद आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है। घरेलू बाजार में SUV की मजबूत मांग भी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
दिलचस्प बात यह रही कि कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा दिखाया। रिजल्ट जारी होने के दिन हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) का शेयर 2.38% की बढ़त के साथ 2,040.30 रुपये पर बंद हुआ। बाजार को उम्मीद है कि उत्पादन पूरी तरह सामान्य होने और निर्यात में सुधार के बाद कंपनी की कमाई आने वाली तिमाहियों में फिर से पटरी पर लौट सकती है।
