34 साल पुरानी शिक्षक भर्ती की फाइल गायब: सिद्धार्थनगर BSA कार्यालय और DIET में नहीं मिला रिकॉर्ड, 1992 की नियुक्तियों पर उठे सवाल - Siddharthnagar News

Published on 12 जुल॰ 2026
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रोहित सिंह | सिद्धार्थनगर56 मिनट पहले

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सिद्धार्थनगर में वर्ष 1992 की शिक्षक भर्ती से जुड़ी मूल नियुक्ति पत्रावली रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। एक शिकायत की जांच के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग को 34 साल पुराने नियुक्ति रिकॉर्ड की जरूरत पड़ी, लेकिन न तो बीएसए कार्यालय में फाइल मिली और न ही डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) बांसी में। अब विभाग के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि सरकारी भर्ती का इतना महत्वपूर्ण रिकॉर्ड आखिर कहां और कैसे गायब हो गया।

एक शिकायत की जांच के दौरान विभाग को वर्ष 1992 की नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेखों की आवश्यकता पड़ी। सबसे पहले बीएसए कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाला गया, लेकिन पत्रावली नहीं मिली। इसके बाद डायट बांसी को पत्र भेजकर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया। डायट ने भी जवाब दिया कि उनके पास संबंधित पत्रावली उपलब्ध नहीं है।

कितने शिक्षकों की हुई थी नियुक्ति, विभाग के पास नहीं आंकड़ा

मूल रिकॉर्ड नहीं मिलने से विभाग यह भी नहीं बता पा रहा है कि वर्ष 1992 की भर्ती में जिले में कुल कितने शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। नियुक्त शिक्षकों की संख्या और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन भी फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है।

फाइल आखिर गई कहां?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भर्ती की मूल पत्रावली अंतिम बार किस कार्यालय में थी। क्या रिकॉर्ड कभी बीएसए कार्यालय से डायट भेजा गया था, या डायट से किसी अन्य कार्यालय में स्थानांतरित हुआ? यदि ऐसा हुआ, तो उसका रिकॉर्ड कहां है? फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब विभाग के पास नहीं है।

कुछ शिक्षक हो चुके सेवानिवृत्त

वर्ष 1992 की इस भर्ती को 34 साल बीत चुके हैं। इस भर्ती में नियुक्त कई शिक्षक सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। इसके बावजूद विभाग के पास भर्ती का मूल रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में यह तय करना भी मुश्किल हो गया है कि गायब पत्रावली कितने शिक्षकों की नियुक्तियों से संबंधित है।

विभाग कर रहा रिकॉर्ड की तलाश

बीएसए कार्यालय का कहना है कि पत्रावली की तलाश जारी है। हालांकि दोनों संभावित स्थानों पर रिकॉर्ड नहीं मिलने से मामला गंभीर हो गया है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं।

बीएसए ने क्या कहा?

बीएसए शैलेश कुमार ने बताया, "वर्ष 1992 में नियुक्त शिक्षकों की मूल पत्रावली नहीं मिलने पर डायट को पत्र भेजा गया था। वहां से भी पत्रावली उपलब्ध न होने की सूचना मिली है। संबंधित रिकॉर्ड की तलाश के लिए कार्रवाई की जा रही है।"

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