जालंधर(उत्तम हिन्दू न्यूज)- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर के परागपुर में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन समारोह में आयोजित महारैली को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेका। रैली में पहुंचने से पहले शाह ने नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। भाजपा की चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ 18 सितंबर से राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जालंधर में समाप्त हुईं।
शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘सत श्री अकाल’ से की। उन्होंने दोआबा की धरती और गुरु रविदास, भगवान वाल्मीकि, महाराजा रणजीत सिंह, तेजा सिंह समुद्री, शहीद भगत सिंह और शहीद ऊधम सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश के अन्न भंडार भरने और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने किसानों और जवानों के योगदान का उल्लेख करते हुए पंजाब की माताओं को भी नमन किया।
2029 तक नशे के कारोबार पर रोक का लक्ष्य
शाह ने कहा कि पंजाब में किसान, उद्योग और महिला सुरक्षा जैसे कई मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा आगामी चुनाव नशामुक्त पंजाब के मुद्दे पर लड़ेगी। शाह ने पंजाब की माताओं और युवाओं से भाजपा का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को चिट्टे के व्यापार से मुक्त कर दिया जाएगा।
पंजाब भाजपा ने इस अभियान को राज्य में नशे के मुद्दे पर केंद्रित किया है। पार्टी ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में नशा प्रमुख मुद्दों में रहेगा। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इससे पहले पार्टी के सत्ता में आने पर दो साल के भीतर राज्य से नशे की समस्या खत्म करने का दावा किया था।
63 एकड़ में रैली की व्यवस्था
परागपुर में एनएच-44 के किनारे करीब 60-65 एकड़ क्षेत्र में रैली के लिए व्यापक इंतजाम किए गए। इसमें बड़ा पंडाल और पार्किंग क्षेत्र शामिल है। भाजपा ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से समर्थकों को लाने के लिए बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की थी।
भाजपा की चारों यात्राओं का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और इसे व्यापक अभियान का रूप देना बताया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस अभियान को लेकर भाजपा की राजनीतिक मंशा और केंद्र की भूमिका पर सवाल भी उठाए हैं। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने रैली से पहले केंद्र की एजेंसियों और नशे की तस्करी रोकने में केंद्र की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए थे।
नशा पीड़ित परिवारों ने साझा किया दर्द
रैली से पहले भाजपा के अभियान के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए थे। कुछ परिवारों ने नशे के कारण परिजनों की मौत, आर्थिक नुकसान और परिवारों के बिखरने की बात कही। भाजपा ने इन परिवारों की समस्याओं को अपने अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया है।
रैली के दौरान भाजपा नेताओं ने पंजाब में नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पार्टी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने नशे के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं तो पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने के लिए भी निर्णायक कदम उठाए जा सकते हैं। यह उनका राजनीतिक बयान है
You Might Be Interested In
- वोटर आईडी के Form-6 से हटी विवादित शर्त, भारी विरोध के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
- दीवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं लेकिन 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत भी नहीं
- 20 हजार करोड़ के बकाया ई-चालान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिजली बिल में जुड़ेगा जुर्माना, RC-DL पर लगेगी रोक
- दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में पायलटों के बीच भिड़ंत, भेजा हाईजैक का सिग्नल; सऊदी में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
- 10 रुपए से खरीद सकेंगे डिजिटल चांदी, जियोफाइनेंस ने लॉन्च किया ‘JioSilver; घर बैठे मिलेगी डिलीवरी
- 6,000 करोड़ के ड्रग केस में 5 अक्टूबर को SIT के सामने पेश होंगे बिक्रम मजीठिया, जगदीश भोला को भी बुलाया