चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने इंडियन प्रीमियर लीग में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम की आलोचना की है।

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने इंडियन प्रीमियर लीग में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस नियम ने गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जबकि बल्लेबाजों को बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाया है। रैना का मानना है कि इस नियम की वजह से हाईस्कोरिंग मैच बढ़े हैं। टीमें अब अक्सर 200 से ज्यादा रन बना रही हैं और यहां तक कि 300 रन तक पहुंचने की भी कोशिश कर रही हैं।
रैना ने भारत के पूर्व बैटर आकाश चोपड़ा के साथ एक पॉडकास्ट में कहा, "मैं 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के खिलाफ हूं। कई फिट खिलाड़ी सिर्फ बैटिंग करते हैं और फिर बैठ जाते हैं। बॉलर्स के लिए कुछ नहीं बचता। बॉलर्स के लिए यह मुश्किल है। अब 300 रन भी बन रहे हैं। एक्स्ट्रा बैटर्स होने से बॉलर्स पर दबाव बढ़ेगा।"
2023 में IPL में शुरू किए गए 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के तहत टीमें टॉस के बाद पांच सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों के नाम बता सकती हैं। इनमें से कोई एक मैच के दौरान शुरुआती 11 के किसी खिलाड़ी की जगह ले सकता है। यह बदलाव पहली गेंद फेंके जाने के बाद किया जा सकता है।
रैना का मानना है कि बैटिंग के अतिरिक्त विकल्प ने मैच का संतुलन काफी हद तक बल्लेबाजों के पक्ष में कर दिया है। टीमें मैच के अलग-अलग चरणों में स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों और गेंदबाजों का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिससे खिलाड़ियों के लिए बल्ले और गेंद दोनों से असरदार प्रदर्शन करने की जरूरत कम हो गई है।
रैना ने BCCI के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी फ्रेंचाइजी T20 लीग में खेलने से रोका गया है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अब भारतीय खिलाड़ियों को इसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। हमारी लीग बहुत बड़ी हो गई है। जब हम पहले टूर पर जाते थे, तो मैं यह बात उठाता था। मैं भी खेलने के करीब पहुंच गया था, लेकिन तब उन्हें मना कर दिया था।"
रैना ने कहा, "अब बहुत सारे बाहरी खिलाड़ी यहां आते हैं और विदेशी लीगों का स्तर भी गिर गया है। उस समय मैं निश्चित रूप से हां कहता। लेकिन इस समय, हम दुनिया पर राज कर रहे हैं।" सुरेश रैना ने अपने आईपीएल करियर में 205 मैच खेले और 5,528 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 39 अर्धशतक लगाए। उन्होंने CSK के साथ तीन बार खिताब जीता।