हरदोई मेडिकल कॉलेज से भागा बाल अपचारी: इलाज के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागा, सब-इंस्पेक्टर ने 300 मीटर दूर पीछा कर पकड़ा - Hardoi News

Published on 13 अक्टू॰ 2026
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अनुभव बाजपेयी | हरदोई3 घंटे पहले

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हरदोई मेडिकल कॉलेज में 13 अक्टूबर दिन मंगलवार दोपहर 2 बजे इलाज के लिए लाया गया एक बाल अपचारी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अचानक भागने लगा। किशोर के भागते ही पुलिस टीम में हड़कंप मच गया। साथ आए पुलिसकर्मियों ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया।सब-इंस्पेक्टर दिनेश प्रसाद मिश्रा ने भी दौड़ लगाई और अस्पताल से करीब 300 मीटर दूर जाकर किशोर को पकड़ लिया। इसके बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में वापस बाल संप्रेषण गृह पहुंचा दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, बाल संप्रेषण गृह में निरुद्ध किशोर को करीब 10 दिन से शौच नहीं होने की शिकायत थी। इसी समस्या के चलते उसे चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। पुलिसकर्मी किशोर को लेकर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे,जहां उसका उपचार कराया गया।

बताया गया कि ओपीडी में उपचार के बाद पुलिसकर्मी दवा के संबंध में जानकारी लेने के लिए नीचे पहुंचे थे।इसी दौरान किशोर ने मौका देखकर भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश की और अचानक भागने लगा। कुछ देर तक पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी नहीं हुई,लेकिन उसके भागने का पता चलते ही टीम सक्रिय हो गई।

उपचार के लिए अस्पताल लाया गया

किशोर को भागता देख पुलिसकर्मियों ने शोर मचाया और उसके पीछे दौड़ पड़े।सब-इंस्पेक्टर दिनेश प्रसाद मिश्रा ने भी उसका पीछा किया।अस्पताल परिसर से बाहर निकलने के बाद करीब 300 मीटर दूर जाकर पुलिसकर्मियों ने किशोर को पकड़ लिया।इसके बाद उसे दोबारा पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया।

सब-इंस्पेक्टर दिनेश प्रसाद मिश्रा के मुताबिक,किशोर को स्वास्थ्य संबंधी शिकायत के कारण चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। उपचार के बाद दवा के संबंध में जानकारी लेने के दौरान वह अचानक भागने लगा था।

पुलिस टीम ने तत्काल पीछा कर उसे पकड़ लिया। घटना के बाद किशोर को वापस बाल संप्रेषण गृह पहुंचा दिया गया। अस्पताल में किशोर के अचानक भागने और पुलिसकर्मियों के पीछा करने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हालांकि, पुलिसकर्मियों की तत्परता से किशोर को अस्पताल से अधिक दूर जाने से पहले ही पकड़ लिया गया। घटना के दौरान पुलिस टीम ने उसका पीछा जारी रखा और उसे दोबारा अपनी अभिरक्षा में ले लिया।

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