3 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज, मां-बाप से पूछताछ... आखिर कब तक चलेगा 'ब्यूटी क्वीन' श्रद्धा दुबे का लुका-छिपी का खेल?

Published on 19 अक्टू॰ 2026

Shiva Sharma Death Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. इस मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे का 10 दिन बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन इसी बीच श्रद्धा के सोशल मीडिया वीडियो और मीडिया को दिए गए बयान सामने आने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं. मामले में पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी है. वहीं, जांच में लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग में भी कार्रवाई हुई है. अब लखनऊ पुलिस ने रायबरेली में श्रद्धा के परिवार से पूछताछ की है.

10 टीमें कर रहीं तलाश

डीसीपी सेंट्रल अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमें लगाई गई हैं. मामले की जांच और विवेचना जारी है. उन्होंने कहा कि श्रद्धा कहां है और मीडिया के सामने उसके बयान कैसे आ रहे हैं, इन सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है. पुलिस ने श्रद्धा दुबे समेत सभी आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी प्रगति होगी, उसकी जानकारी मीडिया के साथ साझा की जाएगी. हालांकि, अब तक पुलिस को श्रद्धा की गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली है.

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पिता और सौतेली मां से पूछताछ

श्रद्धा की तलाश में लखनऊ पुलिस की एक टीम रायबरेली पहुंची. पुलिस ने शहर कोतवाली क्षेत्र के रामजीपुरम स्थित उसके आवास पर पहुंचकर पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से पूछताछ की. जानकारी के मुताबिक, बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब किए गए. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने मकान में पहले किराए पर रह चुके आनंद पांडेय के बारे में भी जानकारी जुटाई.

लखनऊ से एसएचओ समेत कई पुलिसकर्मी इस कार्रवाई के लिए रायबरेली पहुंचे थे. बताया जाता है कि श्रद्धा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी रायबरेली में ही की थी. पूछताछ के बाद श्रद्धा के पिता ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखने से इनकार कर दिया. पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रद्धा कहां है और उसे पकड़ने के लिए कौन-कौन से सुराग मिल सकते हैं?

10 दिन से फरार है श्रद्धा दुबे

यह मामला 9 अक्टूबर को लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई घटना से जुड़ा है. अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इस मामले में श्रद्धा दुबे मुख्य आरोपी है. उसके साथ उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश भी फरार है. पुलिस इन सभी की तलाश कर रही है. इससे पहले जांच टीमों ने भारत-नेपाल सीमा के आसपास भी तलाश अभियान चलाया था. रुपईडीहा से एक गाड़ी बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी. पुलिस नेपाल पुलिस के सहयोग से सीमावर्ती इलाकों में सुराग तलाश रही थी. हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद श्रद्धा का पता नहीं चल सका.

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पुलिस की जांच पर उठे सवाल

श्रद्धा की तलाश के बीच उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. इसके बाद 18 अक्टूबर को उसके मीडिया को बयान देने की खबर भी आई. ऐसे में सवाल उठने लगे कि जब पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही हैं तो वह मीडिया तक कैसे पहुंच रही है और उसकी लोकेशन का पता क्यों नहीं चल पा रहा है.

इससे पहले श्रद्धा के सरेंडर करने की चर्चाओं के बाद पुलिस ने हजरतगंज थाने और अदालत परिसर में भी सतर्कता बढ़ाई थी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी वह वहां नहीं पहुंची. पुलिस ने श्रद्धा के एक करीबी से भी कई घंटे पूछताछ की, लेकिन उससे कोई ठोस सुराग मिलने की जानकारी सामने नहीं आई.

3 अधिकारियों पर कार्रवाई

श्रद्धा की गिरफ्तारी में देरी और जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस विभाग में अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया. इसके बाद डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया. उनकी जगह डीसीपी ट्रैफिक रहे अर्पित विजयवर्गीय को डीसीपी सेंट्रल की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटाकर एसीपी क्राइम बनाया गया. उनकी जगह एसीपी कैसरबाग अभिषेक कुमार पांडेय को हजरतगंज सर्किल की जिम्मेदारी दी गई. इस तरह मामले में पुलिस के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है.

अब गिरफ्तारी का इंतजार, कई सवाल बरकरार

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है. श्रद्धा दुबे की तलाश के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं और इनाम की राशि भी बढ़ाई गई है. रायबरेली में उसके माता-पिता से पूछताछ के बाद पुलिस को कोई नया सुराग मिला है या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 10 टीमों की तलाश और लगातार छापेमारी के बावजूद श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है. सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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