
11 सितंबर 2026, कटनी: कटनी जिले के लिए नीम कोटेड यूरिया खाद की 3 रैक पहुंची – जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संवाद और सार्थक प्रयासों की वजह से वर्तमान में खरीफ फसलों के लिए सर्वाधिक मांग वाली नीम कोटेड यूरिया की 3 रैक झुकेही रैक प्वाइंट पर आ गई है। इससे जिले को 1230 मीट्रिक टन यूरिया मिलेगी।
जिला विपणन अधिकारी श्री आनंद नारायण पाण्डेय ने बताया कि रैक से आई नीम कोटेड यूरिया खाद में से बहोरीबंद डबल लॉक केन्द्र, स्लीमनाबाद डबल लॉक, और बरही डबल लॉक केन्द्र के लिए 150-150 मीट्रिक टन और मझगवा बड़वारा डबल लॉक केन्द्र के लिए 90 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक आवंटित की गई है। जबकि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कटनी को 270 मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित की गई है। इसी प्रकार सीएमएस कटनी, सीएमएस उमरियापान-ढीमरखेड़ा, सीएमएस रीठी, सीएमएस बड़वारा, प्रियदर्शनी विपणन विजयराघवगढ़, सीएमएस बाकल, सीएमएस स्लीमनाबाद व सीएमएस ढ़ीमरखेड़ा को 30-30 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित की गई है। इसके अलावा एमपी एग्रो कटनी को कुल 180 मीट्रिक टन खाद आवंटित की गई है। जिससे यहां के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उनकी जरूरत के मुताबिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिले में बिना ई-टोकन के खाद का वितरण न हो। किसान की जमीन (खसरा नंबर) और बोई गई फसल के आधार पर खाद की मात्रा सॉफ्टवेयर द्वारा तय की जाएगी। इससे जरूरत से ज्यादा भंडारण या कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगेगी। किसान अब घर बैठे पोर्टल पर देख सकेंगे कि किस केंद्र पर कितना स्टॉक उपलब्ध है। किसान भाई अपनी सुविधा अनुसार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स), डबल लॉक केंद्र और निजी विक्रेताओं, सशुल्क एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर केंद्रों पर जाकर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। जिले के समस्त कृषकों से अपील की गई है कि वे अपनी मिट्टी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल संतुलित उर्वरकों का ही उपयोग करें। अनावश्यक खाद का प्रयोग न केवल लागत बढ़ाता है, बल्कि भूमि की उर्वरक शक्ति को भी नुकसान पहुँचाता है।
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