पूर्णिया में गैरेज मालिक सहित दो बदमाश गिरफ्तार: 3 चोरी की बाइक सहित पुर्जे बरामद, दो मोबाइल फोन भी जब्त - Purnia News

Published on 14 जुल॰ 2026

पूर्णिया पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में गैरेज मालिक सहित दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी की कई मोटरसाइकिलें और भारी मात्रा में गाड़ी के पुर्जे बरामद किए गए हैं।

.

सदर एसडीपीओ 2 गौरव कुमार ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. शौर्य सुमन के निर्देशानुसार चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी और अपराधियों की धर-पकड़ के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में, 13 जुलाई 2026 को कसबा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने की फिराक में थे।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को दबोचा। बरामदगी में कई चोरी की बाइकें और खुले हुए इंजन शामिल हैं, जो गिरोह के काम करने के तरीके को दर्शाता है। आगे की जांच जारी है।

3 चोरी की बाइक जब्त हुई है।

3 चोरी की बाइक जब्त हुई है।

रंगे हाथों दबोचे गए दो शातिर सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर-02, पूर्णिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और दो व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा। कसबा का रहने वाला है चोर और गैरेज मालिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान कसबा थाना क्षेत्र के तारानगर निवासी 20 वर्षीय आनंद कुमार और कसबा थाना क्षेत्र के ही मजगामा निवासी 26 वर्षीय मो. तसब्बर के रूप में हुई है। मो तसब्बर पूर्णिया के कॉलेज चौक पर मोटरसाइकिल गैरेज का मालिक है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले तारानगर निवासी आनंद कुमार को गिरफ्तार किया। आनंद से पूछताछ के बाद उसके निशानदेही पर पुलिस टीम ने कॉलेज चौक स्थित 'सुपर बाइक रिपेयरिंग सेंटर' पर छापेमारी की। वहां से गिरोह के दूसरे सदस्य, गैराज संचालक मो. तसब्बर को दबोच लिया गया।

गैरेज से मोटरसाइकिल और खुले हुए इंजन बरामद थाना चौक स्थित मो तसब्बर के गैराज से पुलिस ने चोरी की 3 मोटरसाइकिल, दो मोटरसाइकिल का खुला इंजन, चार पुराना टायर और दो मोबाइल बरामद किया गया है। गिरोह के बाकी सदस्य के लिए छापेमारी सदर एसडीपीओ 2 गौरव कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह एक सक्रिय अंतरजिला चोर गिरोह है। पकड़े गए अपराधियों की निशानदेही पर गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।