Updated On: Jul 26, 2026 | 03:40 PM IST
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सार
MP Monsoon Update : मध्य प्रदेश में जुलाई के तीसरे सप्ताह में 3.3 इंच बारिश हुई, जिससे कई जिलों में हालात सुधरे। 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, जबकि 41 जिले अभी भी औसत से पीछे हैं।

कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार जुलाई के तीसरे सप्ताह में बढ़ने से बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के तीसरे हफ्ते में प्रदेश में 3.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते कई जिलों में बारिश की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि प्रदेश में अब तक कुल 13 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य औसत 14.6 इंच से 1.6 इंच कम है। यानी प्रदेश में अभी भी करीब 11 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
इस साल मानसून मध्य प्रदेश में 9 दिन की देरी से 24 जून को पहुंचा था। इसके बाद अगले नौ दिनों में पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया था। मानसून की देरी का असर जून महीने में देखने को मिला, जब प्रदेश में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति सुधरी और बारिश का आंकड़ा 8 प्रतिशत प्लस में पहुंच गया था।
दूसरे सप्ताह कमजोर रहा मानसून, तीसरे सप्ताह ने दी राहत
मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर रहा और प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान औसत आधा इंच बारिश भी नहीं हो सकी। लेकिन तीसरे सप्ताह में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ी और 3.3 इंच पानी गिरा। इससे प्रदेश के औसत बारिश के आंकड़ों में सुधार देखने को मिला।
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देवास में सबसे ज्यादा बारिश, आलीराजपुर सबसे पीछे
प्रदेश में पश्चिमी हिस्से में बारिश की स्थिति सबसे बेहतर रही है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। उज्जैन संभाग के देवास जिले में सबसे ज्यादा करीब 19.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से 54 प्रतिशत अधिक है। वहीं आलीराजपुर में सबसे कम बारिश हुई है। यहां अब तक सिर्फ 3.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे का करीब 22 प्रतिशत है।
14 जिलों में बारिश का आंकड़ा प्लस में, 41 जिले अभी भी पीछे
प्रदेश के 14 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई है, जबकि 41 जिलों में आंकड़ा अभी भी माइनस में चल रहा है। ज्यादा बारिश वाले जिलों में मंदसौर, दमोह, सिवनी, निवाड़ी, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, हरदा, इंदौर, नीमच, राजगढ़ और सीहोर शामिल हैं। वहीं कम बारिश वाले जिलों में छतरपुर, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सीधी, दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन समेत कई जिले शामिल हैं।
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डैम और नदियों में पानी की स्थिति पर नजर
बारिश बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई बांधों और नदियों में अभी पर्याप्त जलभराव नहीं हुआ है। नर्मदा और अन्य नदियों में बारिश के बाद जलस्तर बढ़ा है, लेकिन बीच में मानसून कमजोर पड़ने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। जलस्रोतों की स्थिति बेहतर करने के लिए लगातार अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है।
