ब्यावर में भाजपा प्रत्याशी सहित 282 नामांकन रद्द: अब 344 अभ्यर्थी मैदान में, वार्ड 43 में चुनाव बहिष्कार का ऐलान - Beawar News

Published on 1 सित॰ 2026

ब्यावर नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए भरे गए नामांकन पत्रों की मंगलवार को जांच की गई। नगर परिषद के सभी 60 वार्डों के लिए कुल 635 नामांकन पत्र जमा हुए थे। जांच के दौरान इनमें से 282 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं, 353 नामांकन पत्र सही पाए गए। जांच

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चुनाव प्रक्रिया के तहत उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र 3 सितंबर 2026 की दोपहर 3 बजे तक वापस ले सकेंगे। नाम वापसी के आवेदन उपखंड अधिकारी ब्यावर के सभागार (पुराना वीसी हॉल) में जमा किए जा सकेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ हो जाएगा कि चुनाव मैदान में आखिर कितने प्रत्याशी रहेंगे।

वार्ड 43 में चुनाव बहिष्कार का ऐलान

नगर परिषद चुनाव के बीच वार्ड नंबर 43 के कई कॉलोनियों के लोगों ने मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी से नाराज होकर चुनाव बहिष्कार का फैसला किया है। इस बारे में वार्डवासियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी बताई।

वार्डवासियों का कहना है कि पिछले करीब चार सालों से 80 फीट रोड, वीके पंचोली नगर, जाजेश्वर नगर, उमेद नगर और श्रीनाथ कॉलोनी सहित इलाके की अन्य कॉलोनियों में सड़क, नाली, बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं।

इन समस्याओं को लेकर जिलाधीश, विधायक, नगर परिषद आयुक्त और निवर्तमान पार्षद को लगातार लिखित ज्ञापन दिए गए और व्यक्तिगत रूप से भी बताया गया, लेकिन समस्याओं का पक्का हल नहीं निकल पाया।

वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार आश्वासन ही मिले, जबकि जमीनी स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। इससे क्षेत्र के लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लेते हुए आगामी नगर परिषद पार्षद चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है।

वार्डवासियों ने कहा कि जब तक क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे चुनाव में मतदान नहीं करने के अपने निर्णय पर कायम रहेंगे। इस निर्णय की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए वार्डवासी एकजुट होकर पहुंचे और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग रखी।

वार्ड 59 में भाजपा प्रत्याशी सुनीता चौधरी का नामांकन खारिज

ब्यावर नगर परिषद चुनाव 2026 के तहत वार्ड संख्या 59 से भाजपा प्रत्याशी सुनीता चौधरी का नामांकन रद्द कर दिया गया है। परिसीमन के बाद ग्राम पंचायत और वार्ड की स्थिति से जुड़े मामले में आपत्ति उठने के बाद यह फैसला लिया गया। जानकारी के अनुसार सुनीता चौधरी के नामांकन पर सवाल उठाए गए थे। आरोप था कि प्रशासक पद पर रहते हुए उन्होंने दोहरा लाभ लेने के उद्देश्य से नामांकन दाखिल किया। उनकी पूर्व में प्रशासक पद पर रहने की स्थिति और वर्तमान वार्ड से चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी सवाल उठे थे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी ने सुनीता चौधरी का नामांकन निरस्त कर दिया। इस फैसले से ब्यावर नगर परिषद के कुल 60 वार्डों में से एक वार्ड में भाजपा को अपना प्रत्याशी गंवाना पड़ा है।