28 अगस्त की रात बंद होगा विक्रमशिला सेतु, अगले दिन से कैसे होगा गंगा पार? प्रशासन ने तैयार किया नया प्लान

Published on 21 अग॰ 2026

Vikramshila Setu News: भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को 28 अगस्त की रात से बंद किया जाएगा. सेतु बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी तेज कर दी है. फिलहाल गंगा के रास्ते जलयान चलाने को प्राथमिक विकल्प बनाया गया है.

गंगा में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए सामान्य नावों के संचालन से परहेज किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से जलयान के संचालन, रूट, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के आवागमन से जुड़े अन्य पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. हालांकि, अभी किसी व्यवस्था को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.

29 अगस्त से शुरू हो सकता है जलमार्ग

प्रशासन की तैयारी है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के अगले दिन यानी 29 अगस्त से वैकल्पिक जलमार्ग शुरू कर दिया जाए. इसके लिए इच्छुक जलयान संचालकों से नियमानुसार आवेदन लिए जाएंगे. जलयान की क्षमता, सुरक्षा मानकों और संचालन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की जांच के बाद प्रशासन की ओर से अनुमति दी जाएगी.

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गंगा के दोनों किनारों के बीच यात्रियों को जलयान के माध्यम से आवागमन की सुविधा दी जाएगी. बाइक को भी यात्रियों के साथ गंगा पार कराने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है.

चारपहिया वाहनों के आवागमन के लिए सबौर के बाबूपुर गंगा घाट से मालवाहक जलयान चलाने की तैयारी पर भी विचार किया जा रहा है. इस जलयान में छोटे-बड़े वाहनों के साथ यात्रियों को ले जाने की क्षमता है. सेतु बंद रहने के दौरान इसे चारपहिया वाहनों के लिए उपयोगी विकल्प माना जा रहा है.

गंगा में इस समय जलस्तर बढ़ा हुआ है और धारा भी तेज है. ऐसे में सामान्य नावों का संचालन सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जा रहा है. प्रशासन का जोर ऐसे जलयान के संचालन पर है, जिनमें अधिक क्षमता के साथ यात्रियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हो.

प्रशासन की कोशिश है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भी भागलपुर और नवगछिया के बीच जरूरी आवागमन पूरी तरह बाधित न हो और लोगों को सुरक्षित तरीके से गंगा पार कराया जा सके.

वैकल्पिक जलमार्ग शुरू होने के साथ यात्रियों और बाइक से किराया लिया जाएगा या जलयान सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. इस संबंध में मुख्यालय से मिलने वाले दिशा-निर्देश के आधार पर जिला प्रशासन आगे का फैसला करेगा.

विक्रमशिला सेतु बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, कारोबारी और मरीज समेत बड़ी संख्या में लोग इस पुल के जरिए आवागमन करते हैं.

भागलपुर के बाजार पर निर्भर नवगछिया और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए भी यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में सेतु बंद रहने की अवधि के दौरान नियमित और सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी.

भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडे ने कहा कि 28 अगस्त की रात विक्रमशिला सेतु बंद हो जाएगा. वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है और सेतु बंद होने से पहले सुव्यवस्थित इंतजाम कर लिए जाएंगे. यात्रियों को सुरक्षित जलमार्ग के जरिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है.