Aug 04, 2026 10:49 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
भारत ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पिछले सात साल में 36 देशों से 274 वांटेड क्रिमिनल्स को वापस लाया है। वहीं पड़ोसी पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं। राजधानी इस्लामाबाद को कंटेनरों से सील कर दिया गया है...

शाम की 5 बड़ी खबरें...
Top News Today: भारत ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पिछले 7 साल में 36 देशों से 274 वांटेड क्रिमिनल्स को वापस लाया है, जिसमें मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण भी शामिल है। वहीं पड़ोसी पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं, राजधानी इस्लामाबाद को कंटेनरों से सील कर दिया गया है और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के हाथ में डोर होने का दावा किया जा रहा है। पढ़ें शाम की बड़ी खबरें…
7 वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू होने के बाद भगोड़े अपराधियों के खिलाफ एकीकृत, खुफिया-आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित मॉडल विकसित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप 2019 से अब तक 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। जबकि 2004 से 2013 के बीच मात्र 4 भगोड़े ही वापस लाए जा सके थे। वापस लाए गए भगोड़ों में आतंकवादी, गैंगस्टर, आर्थिक अपराधी, नार्कोटिक्स आरोपी तथा हत्या, बलात्कार और पॉक्सो मामलों के वांछित शामिल हैं। इस अभियान का दायरा आतंकवाद, खालिस्तान समर्थक उग्रवाद, गैंगस्टर-टेरर कन्वर्जेंस, नार्कोटिक्स, साइबर धोखाधड़ी और फर्जी मुद्रा तक फैला हुआ है। मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण इस क्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
पाकिस्तान में तख्तापलट की अटकलें
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं। राजधानी इस्लामाबाद को कंटेनरों से सील कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम की डोर सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के हाथ में है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कुर्सी डगमगा रही है क्योंकि उनके अपने गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दावा किया जा रहा है कि रावलपिंडी में तख्तापलट का ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है। पाकिस्तान की शासन व्यवस्था के 'ध्वस्त' होने का चौंकाने वाला बयान देने के कुछ दिनों बाद गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने एक और बड़ा खुलासा किया। उन्होंने पाकिस्तान के इतिहास के 'सबसे बड़े घोटाले' का पता लगाने का दावा करते हुए कहा कि इसमें जजों से लेकर राजनेताओं तक सरकारी तंत्र के कई अहम हिस्से शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर...
जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्ती, नया कानून संसद से पास
राज्यसभा ने मंगलवार को जन्म और मृत्यु का पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इससे पहले यह विधेयक 31 जुलाई को लोकसभा से पारित हो चुका था। दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसका मकसद जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाना है, ताकि गलत तरीके से देर से होने वाले पंजीकरण पर रोक लगाई जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया कि एक साल तक के रजिस्ट्रेशन की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 21 दिन के भीतर सूचना देने पर सामान्य पंजीकरण होगा, जबकि 21 दिन से एक साल तक की देरी पर विलंब शुल्क देकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। दो साल से अधिक देरी होने पर कोर्ट का सहारा लेना पड़ सकता है। पढ़ें पूरी खबर...
तेजस्वी ने सम्राट से पूछा- क्या विधायक का एनकाउंटर कराएंगे?
बिहार के रोहतास जिले में डेहरी-डालमिया नगर परिषद के कार्यपाल पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या के मामले में राजनीति गर्मा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डेहरी से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह की संलिप्तता का आरोप लगाया। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूछा कि क्या वे विधायक का एनकाउंटर कराएंगे? उन्होंने सम्राट सरकार पर अपराधियों को बचाने का भी आरोप लगाया। दरअसल, दिवंगत ईओ की पत्नी बबीता कुमार का एक बयान वायरल हुआ है, जिसमें वे कथित तौर पर विधायक द्वारा अपने पति को परेशान करने की बात कहती हैं। आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को दिवंगत ईओ की पत्नी से मुलाकात करनी चाहिए। वे खुद बताएंगी कि विधायक कैसे फोन करके वसूली मांगते थे। पढ़ें पूरी खबर...
आकिब नबी की ताकत सिर्फ रफ्तार नहीं: इरफान पठान
भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी की सबसे बड़ी ताकत तेज रफ्तार नहीं, बल्कि शीर्ष बल्लेबाजों को रक्षात्मक बल्लेबाजी के दौरान गलती करने पर मजबूर करने की क्षमता है। जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के कारण नबी को श्रीलंका में 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। पठान ने 2018 में श्रीनगर में हुए ट्रायल के दौरान पहली बार नबी की प्रतिभा पहचानी थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के युवा क्रिकेटरों को मार्गदर्शन भी दिया। पठान के अनुसार नबी की स्वाभाविक गेंदबाजी शैली, कलाई की स्थिति और गेंद को मूव कराने की क्षमता उन्हें बिना तेज रफ्तार के भी प्रभावी बनाती है। पढ़ें पूरी खबर...
