इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढे भरने के दावे की होगी जांच, हाई कोर्ट ने 27 अक्टूबर तक मांगा जवाब

Published on 17 अक्टू॰ 2026

इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढे भरने के दावे की होगी जांच, हाई कोर्ट ने 27 अक्टूबर तक मांगा जवाब

इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढे भरने के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के दावे की अब मौके पर जांच होगी। शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान NHAI ने सड़क की मरम्मत के फोटो पेश करते हुए कहा कि बायपास पर गड्ढे भर दिए गए हैं। हालांकि, अदालत ने इन तस्वीरों को मरम्मत का अंतिम प्रमाण नहीं माना। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मौके पर जाकर तस्वीरों में दिखाई गई जगहों की वास्तविक स्थिति जांचने और 27 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

NHAI ने कोर्ट में पेश किए मरम्मत के फोटो

इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढों की समस्या को लेकर हाई कोर्ट में मामला चल रहा है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान NHAI की ओर से मरम्मत कार्य से संबंधित तस्वीरें पेश की गईं। प्राधिकरण ने इन तस्वीरों के आधार पर दावा किया कि सड़क पर मौजूद गड्ढों को भर दिया गया है।

NHAI के इस दावे के बाद अदालत ने सड़क की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करना जरूरी समझा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल तस्वीरों के आधार पर मरम्मत कार्य को पूरा मान लेना पर्याप्त नहीं है। मौके पर जाकर यह देखना जरूरी है कि जिन स्थानों पर गड्ढे होने की शिकायत की गई थी, वहां वास्तव में मरम्मत हुई है या नहीं।

डिविजन बेंच ने याचिकाकर्ता को दिए निर्देश

मामले की सुनवाई प्रशासनिक जज सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जयकुमार पिल्लई की डिविजन बेंच ने की। बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह NHAI की ओर से पेश की गई तस्वीरों में दिखाई गई जगहों का निरीक्षण करे और वहां की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाए।

याचिकाकर्ता को मौके पर जांच करने के बाद अगली सुनवाई में अपना जवाब पेश करना होगा। इससे अदालत को प्राधिकरण के दावे और सड़क की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

27 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता को इस तारीख पर मौके की स्थिति के आधार पर जवाब देना होगा। इसके बाद अदालत मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है।

इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढों की समस्या वाहन चालकों की सुरक्षा और सुचारु यातायात से जुड़ी है। सड़क की मरम्मत की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति की जांच इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समस्या का समाधान हुआ है या नहीं। फिलहाल, NHAI ने मरम्मत पूरी होने का दावा किया है, जबकि अदालत ने इसकी पुष्टि के लिए मौके की जांच कराने का निर्देश दिया है।

Share this story