'गरीब लोग ही पैसे देते हैं, भले जमीन बेचनी पड़े': सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के नाम पर 2500 से 5000 रुपए की अवैध वसूली - Siwan News

Published on 1 सित॰ 2026

सीवान के दरौंदा प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है।

.

अस्पताल में प्रसव कराने पहुंचने वाली गरीब गर्भवती महिलाओं के परिजनों से सामान्य प्रसव के नाम पर कथित तौर पर 2500 से 5000 रुपये तक की अवैध वसूली किए जाने का आरोप है।

मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल की एएनएम द्वारा परिजनों से पैसे लेने को लेकर की जा रही बातचीत कथित तौर पर रिकॉर्ड हुई है।

वीडियो में कही गई बातों ने सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

गरीब लोग ही तो देते हैं, भले जमीन बेचना पड़े - ANM

वायरल वीडियो में एक एएनएम यह कहती सुनाई दे रही है कि ‘सरकारी में सुविधा मिल नहीं रहा है, प्राइवेट में कहीं 2500 में डिलीवरी होता है।’

इस पर जब मरीज के परिजन अपनी गरीबी का हवाला देते हैं तो वीडियो में एएनएम जवाब देती सुनाई देती है- ‘गरीब लोग ही तो देते हैं, भले उनको जमीन बेचना पड़े, लेकिन हम जमीन नहीं बेचवाएंगे।’

बातचीत का यह हिस्सा सामने आने के बाद अस्पताल में प्रसव के नाम पर हो रही वसूली को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

2500 तो हमारा है - दूसरी एएनएम

इसी वायरल वीडियो में दूसरी एएनएम द्वारा कथित तौर पर यह कहा जा रहा है कि ‘2500 तो हमारा है, इसके अलावा सफाई करने वाले को 200 रुपये मिलेगा, तब वो सफाई करेगी तथा इसके अलावा टांका देने वाली लेगी, तब टांका देगी। जल्दी दीजिए, सबको देना है।’

वीडियो में सामने आ रही इस बातचीत से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सरकारी अस्पताल में प्रसव जैसी सरकारी स्वास्थ्य सेवा के लिए मरीज के परिजनों से अलग-अलग मद में पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध वसूली का मामला केवल सामान्य प्रसव तक सीमित नहीं है।

स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के निर्देश

प्रसव के बाद नवजात के जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण कार्ड जैसी सरकारी सुविधाओं के नाम पर भी पैसे मांगने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

वहीं गर्भवती महिलाओं के परिजनों से बाहरी दवाइयां खरीदवाने तथा ब्लड जांच समेत अन्य जांच के लिए निजी संस्थानों में भेजे जाते है।

स्थानीय लोगों के अनुसार विधायक व्यास सिंह भी कई बार अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे चुके हैं। बावजूद इसके व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने की शिकायत है।

तुरंत संबंधित ANM को शो-कॉज नोटिस जारी

अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाए जाने के करीब तीन वर्ष बाद भी उसके चालू नहीं होने का आरोप है। इसके कारण मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।

मामले को लेकर स्वास्थ्य प्रबंधक जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी फिलहाल छुट्टी पर हैं। संबंधित एएनएम को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। प्रभारी के लौटने और जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।