लखनऊ: यूपी के 2500 वित्तविहीन स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा - Haribhoomi

Published on 23 जुल॰ 2026

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश के 2500 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 3.50 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रितों को अब 'सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो )

  • Published: 23 Jul 2026, 08:37 AM IST
  • Last Updated: 23 Jul 2026, 08:38 AM IST

उत्तर प्रदेश शासन ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से पूर्व में राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन वित्तविहीन शिक्षकों का कोई अधिकृत सरकारी आंकड़ा न होने के कारण उनके लिए अलग से आदेश जारी करने की बात कही गई थी।

अब शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को प्रदेश भर के 2500 से अधिक वित्तविहीन स्कूलों के करीब 3.50 लाख से ज्यादा शिक्षकों के त्वरित चिह्नांकन और पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।

​सीएम शिक्षक कैशलेस पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन 
​माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पात्र वित्तविहीन शिक्षकों को 'सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का लाभ लेने के लिए समर्पित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। शिक्षक अपने और अपने परिवार के आश्रितों का विवरण आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करेंगे। इसके बाद संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक आवेदन का सत्यापन कर इसे आगे अग्रसारित करेंगे। सत्यापन के दौरान शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने और उनके वर्तमान में कार्यरत होने का गहन परीक्षण किया जाएगा।

​डीआईओएस की मंजूरी के बाद स्वीकृत होगा आवेदन 
​यदि कोई शिक्षक किसी कारणवश विद्यालय से अलग या कार्यमुक्त हो जाता है, तो प्रधानाचार्य तुरंत इसकी जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक को देंगे और ऐसे शिक्षकों को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। प्रधानाचार्य द्वारा आवेदनों को सत्यापित किए जाने के बाद डीआईओएस द्वितीय अंतिम जांच पूरी कर अप्रूवल प्रदान करेंगे। इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक को आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

​राजकीय व एडेड स्कूलों में 55 हजार से अधिक का रजिस्ट्रेशन पूरा 
दूसरी ओर, माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा विकसित साचीस (SACHIS) पोर्टल पर राजकीय व एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के पंजीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। अब तक लगभग 55 हजार शिक्षकों और उनके परिजनों को मिलाकर करीब 1.72 लाख लोगों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। हालांकि, विभागीय स्तर पर लगभग 10 हजार आवेदन डीआईओएस और प्रधानाचार्यों के पास लंबित हैं। वित्तविहीन शिक्षकों के जुड़ने से प्रदेश में इस स्वास्थ्य योजना का दायरा और अधिक व्यापक हो जाएगा।